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शुभेंदु-हिमंता ही नहीं, दूसरे दलों से बीजेपी में आकर सीएम बनने वालों की लंबी है फेहरिस्त


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  • पेमा खांडू, एन. बीरेन सिंह, सर्बानंद सोनोवाल भी शामिल।

भारत के नक्शे में आज के वक्त में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं, जिसमें से 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी दलों की गठबंधन सरकार है. इस लिस्ट में अब पश्चिम बंगाल भी शामिल हो गया है, जहां आजादी के बाद से पहली बार भाजपा की सरकार बनने वाली है, जिसके मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी होंगे. हालांकि, आज हम आपको भाजपा के उन मुख्यमंत्रियों की बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत अन्य पार्टी से की, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद वह मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे.

लिस्ट में कौन-कौन से नेता शामिल?

शुभेंदु अधिकारीः सबसे पहले हम पश्चिम बंगाल की बात करते हैं, जहां इस बार हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत हासिल की है. भाजपा ने शुक्रवार (8 मई, 2026) को हुई विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद के लिए चुना है, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत भाजपा के साथ नहीं, बल्कि कांग्रेस के साथ शुरू की थी.

शुभेंदु अधिकारी 1995 से 2000 तक कांग्रेस पार्टी के सदस्य रहे. इसके बाद उन्होंने साल 2000 में तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता हासिल की. TMC में शामिल होने के बाद शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में कई बार विधायक से लेकर लोकसभा के सांसद तक रह चुके हैं. हालांकि, दिसंबर 2020 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का साथ छोड़ दिया और वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए.

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हिमंत बिस्वा सरमाः भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता कहे जाने वाले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 1991 में कांग्रेस पार्टी के साथ की थी. हालांकि, वे साल 2015 में कांग्रेस का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे. भाजपा में शामिल होने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा साल 2021 में असम के 15वें मुख्यमंत्री बने.

सम्राट चौधरीः हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने वाले भाजपा नेता सम्राट चौधरी भी इस लिस्ट में शामिल हैं. सम्राट चौधरी ने साल 1990 में समता पार्टी से अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद वे 1999 में समता पार्टी को छोड़कर लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में शामिल हो गए थे. फिर 2014 में वे आरजेडी से त्याग पत्र देकर नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हो गए. इसके बाद सम्राट चौधरी ने साल 2017 में जद(यू) का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन कर ली. भाजपा में शामिल होने के बाद सम्राट चौधरी बिहार के कई मंत्री पदों पर रहे. इसके बाद उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली और अब नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद वे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने हैं.

सर्बानंद सोनोवालः वर्तमान में पोर्ट, शिपिंग और वॉटरवेज के केंद्रीय मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले सर्बानंद सोनोवाल हिमंत बिस्वा सरमा के कार्यकाल से पहले असम के 14वें मुख्यमंत्री रह चुके हैं. सोनोवाल ने साल 2001 में असोम गन परिषद (AGP) के साथ अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी. इसके बाद वे 2011 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे.  

पेमा खांडूः चीन के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करने वाले भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश के 9वें मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी साल 2016 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए थे. इससे पहले पेमा खांडू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थे.

एन. बीरेन सिंहः मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी साल 2017 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन की थी. भाजपा से पहले बीरेन सिंह साल 2004 से लेकर 2016 तक कांग्रेस पार्टी के सदस्य रह चुके हैं और उससे पहले 2002 से 2004 तक वे डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपल्स पार्टी के सदस्य थे.

युमनाम खेमचंद सिंहः मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के बाद 13वें मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की सत्ता संभालने वाले भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. जो साल 2013 में भाजपा में शामिल हुए थे. इससे पहले खेमचंद 2002 में एन. बीरेन सिंह के साथ ही डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपल्स पार्टी में शामिल थे.

मानिक साहाः भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा के 11वें मुख्यमंत्री मानिक साहा का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है, जिन्होंने दूसरी पार्टी के साथ अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी, लेकिन आज वे भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हैं. मानिक साहा साल 2016 में भाजपा में शामिल हुए थे. इससे पहले वे कांग्रेस पार्टी के साथ थे.  

अर्जुन मुंडाः स्वतंत्र झारखंड के दूसरे मुख्यमंत्री रह चुके अर्जुन मुंडा साल 2000 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए थे. भाजपा में शामिल होने से पहले अर्जुन मुंडा 1980 से 2000 तक झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के सदस्य रह चुके हैं. हालांकि, भाजपा में शामिल होने के बाद मुंडा झारखंड के सीएम पद और बाद में पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं.

बसवराज बोम्मईः इस लिस्ट में वर्तमान में भाजपा के लोकसभा सांसद और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके बसवराज बोम्मई का नाम भी शामिल है. बोम्मई ने 1992 में जनता दल के साथ अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद वे 2004 में जद(यू) में शामिल हो गए, फिर उन्होंने 2008 में जदयू से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ज्वाइन कर ली. भाजपा में शामिल होने के बाद बोम्मई साल 2021 में कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री बने थे.

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