Tamil Nadu Government Formation: तमिलनाडु में सत्ता किसकी होगी इसको लेकर प्रश्न अभी बना हुआ है. साथ ही यह निर्णायक दौर में पहुंचता दिख रहा है. एक तरफ जहां AIADMK चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी के एक सधे हुए मैसेज ने राजनीतिक अटकलें छेड़ दी है. उन्होंने एक पोस्ट में सरकार बनाने वाली पार्टी को बधाई दी है. अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि टीवीके ने क्या सरकार बना ली है?
पलानीस्वामी ने एक पोस्ट करते हुए कहा कि हाल ही में संपन्न 17वें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. मैं तमिलनाडु में सरकार बनाने वाली पार्टी को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं.
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राजनीतिक समीकरण के बीच में फंसी तमिलनाडु की सत्ता
यह पोस्ट इसलिए चर्चा में आया है क्योंकि हाल ही में संपन्न चुनाव में विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. लेकिन बहुमत के आंकड़े से पिछड़ गई. हालांकि, कांग्रेस ने टीवीके का समर्थन किया. इसके अलावा सीपीआई और सीपीआईएम ने भी अपना समर्थन दिया है.
वीसीके का फैसला तय कर सकता है विजय का भविष्य
इधर, पार्टियों का तर्क था कि राष्ट्रपति शासन को रोकना और बीजेपी को परोक्ष प्रभाव डालने से रोकना ही उनका मुख्य समर्थन का मुख्य आधार है. ऐसे में सभी का ध्यान थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली पार्टी वीसीके पर चला गया. वीसीके का फैसला तय कर सकता है कि विजय आंकड़े को पार कर पाएंगे या नहीं. वहीं, AIADMK के एक सांसद ने दावा किया था कि मेरे नेता ही सीएम बनेंगे. ऐसे में वीसीके जो फैसला लेगी, उसी से तय होगा कि विजय सरकार बना पाएंगे या नहीं. इधर, केंद्र भी तमिलनाडु में चल रहे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, अगर टीवीके समर्थन नहीं जुटा पाती है, और अन्य किसी तरह का सरकार बनाने का दावा नहीं किया जाता है, राज्य में राष्ट्रपति शासन भी लगाया जा सकता है. राज्यपाल ने विजय से बहुमत के आंकड़े जुटाने और उनके सबूत पेश करने की अपील की है.
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