हस्तिनापुर के राजमहल में एक दिन भीष्म पितामह ने विचार किया कि अब कुरुवंश के राजकुमारों के विवाह का समय आ गया है. वे चाहते थे कि ऐसे संबंध स्थापित हों, जो केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरे राज्य को मजबूत बनाएँ. इसी उद्देश्य से उन्होंने दूर-दूर के राज्यों की योग्य राजकुमारियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की.

गांधार देश की राजकुमारी गांधारी अपने सौंदर्य और धर्मपरायण स्वभाव के लिए प्रसिद्ध थीं. जब भीष्म को उनके गुणों का पता चला, तो उन्होंने धृतराष्ट्र के लिए विवाह प्रस्ताव भेजा. गांधार नरेश ने बड़े सम्मान के साथ यह प्रस्ताव स्वीकार किया. पूरे राज्य में इस शुभ समाचार से उत्सव जैसा वातावरण बन गया.
Published at : 28 May 2026 06:00 AM (IST)
