मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र स्थित एमसीसी अस्पताल में नर्स नेहा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन जांच में सामने आया कि यह पूरी तरह से सुनियोजित हत्या थी. पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में काम करने वाले सुरेश ने अपने साथी फरहान के साथ मिलकर नेहा की ड्रिप में जहरीला रासायनिक पदार्थ मिलाकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद दोनों ने पूरे मामले को आत्महत्या दिखाने की कोशिश की.
शादी का दबाव बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में पता चला कि सुरेश और नेहा पिछले 7-8 महीनों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे. सुरेश पहले से शादीशुदा था, जबकि नेहा उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी. पुलिस का कहना है कि इसी दबाव से बचने के लिए सुरेश ने अपने साथी के साथ मिलकर हत्या की साजिश तैयार की.
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन नेहा ने कमजोरी की शिकायत की थी. इसी दौरान उसे ड्रिप लगाने के बहाने अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया. आरोप है कि वहीं उसकी ड्रिप में जहरीला रासायनिक पदार्थ मिला दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. वारदात के बाद आरोपियों ने फर्जी सुसाइड नोट लिखकर शव के पास रख दिया. इतना ही नहीं, आत्महत्या का माहौल बनाने के लिए वहां सल्फर की गोलियां भी रख दी गईं.
परिजनों के शक से खुला पूरा राज
नेहा के परिजनों ने सुसाइड नोट की लिखावट पर सवाल उठाए और हत्या की आशंका जताई. इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की. जांच में सामने आए सबूतों के आधार पर पुलिस ने सुरेश और फरहान को गिरफ्तार कर लिया. दोनों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है.
पुलिस ने बताया कि मामले में बरामद सिरिंज, संदिग्ध रासायनिक पदार्थ, सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. रिपोर्ट आने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा.
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