Viral Mohammad Irfan: दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए सीजेपी विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर एक सब आवाज सबसे अलग नजर आ रही है. दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती में रहने वाले पेशे से पेरीवाले मोहम्मद इरफान अपने इंटरव्यू के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. दिल्ली के सावदा जेजे कॉलोनी के रहने वाले 35 वर्षीय मोहम्मद इरफान की संविधान, लोकतंत्र, मजदूरों के अधिकार और सामाजिक मुद्दों पर गहरी समझ के चलते वह खूब वायरल हो रहे हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि सीजेपी प्रोटेस्ट से वायरल इरफान कितने पढ़े लिखे हैं.
स्कूल नहीं गए, गूगल वॉइस से की पढ़ाई
मोहम्मद इरफान के अनुसार उन्होंने कभी स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं की और न ही वह पढ़-लिख सकते हैं. जानकारी हासिल करने के लिए वह स्मार्टफोन में गूगल वॉइस सर्च का इस्तेमाल करते हैं. इतिहास, राजनीति साहित्य और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों पर वह इंटरनेट के जरिए जानकारी सुनते हैं और किसी भी विषय पर राय बनाने से पहले कई अलग-अलग सोर्स से उसे समझने की कोशिश करते हैं. इरफान ने बताया कि भगत सिंह के विचारों और दुष्यंत कुमार व अदम गोंडवी की कविताओं ने भी उनके सोचने के तरीके को प्रभावित किया.
मजदूरों की समस्याओं को उठाने पहुंचे थे प्रदर्शन में
इरफान का कहना है कि वह किसी राजनीतिक दल या छात्र संगठन से जुड़े नहीं है. वह जंतर-मंतर केवल मजदूर और गरीब तबके की समस्याओं को सामने रखने के लिए पहुंचे थे. उनके अनुसार सरकारी रिकॉर्ड में न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये बताया जाता है, लेकिन कई मजदूरों को 10 से 11 घंटे काम करने के बाद भी 13 से 14 हजार रुपये ही मिलते हैं. उनका दावा है कि बेरोजगारी की वजह से लोग कम वेतन पर भी काम करने को मजबूर है और विरोध करने पर नौकरी जाने का डर बना रहता है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकारों को मजदूरों के लिए उचित वेतन सुनिश्चित करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए.
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आर्थिक परेशानियों का भी किया जिक्र
इरफान ने बताया कि पिछले दो वर्षों से आर्थिक तंगी और भविष्य की चिंताओं के कारण वह मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे. उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए और कहा कि कई लोगों के पास कार्ड होने के बावजूद इलाज के दौरान लंबी कागजी प्रक्रिया और मंजूरी की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इरफान ने कहा कि वह महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत में विश्वास करते हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के पक्षधर है. उनका कहना है कि वे राजनीति में आने की इच्छा नहीं रखते, बल्कि चाहते हैं कि सरकारी मजदूर झुग्गी- बस्तियों में रहने वाले लोगों और ग्रामीण समुदायों की समस्या पर ज्यादा ध्यान दें.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था इंटरव्यू
जंतर मंतर पर दिए उनके इंटरव्यू को सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और शेयर किया. कई लोगों ने उनकी बातों की सराहना की. बताया गया कि इंटरव्यू वायरल होने के बाद कई लोग उनके घर भी पहुंचे और उनकी कहानी जानने की कोशिश की. सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा के बाद लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मोहम्मद इरफान से मिलने उनके घर पहुंचे. मुलाकात के दौरान उन्होंने इरफान से बातचीत की और उन्हें परिवार सहित संसद का आने का निमंत्रण भी दिया.
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