कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर परिसीमन को लेकर बड़ा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में परिसीमन विधेयक पारित कराने की भाजपा की कोशिश को हर राष्ट्रीय और तमिल पार्टी को मिलकर नाकाम करना चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि इस विधेयक का समर्थन करना तमिलनाडु की जनता और राज्य के भविष्य के साथ विश्वासघात होगा.
मामल्लापुरम के निकट पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन के जरिए तमिलनाडु के लोगों के अधिकारों और उनकी राजनीतिक ताकत को कमजोर करना चाहती है. उन्होंने कहा, “तमिल लोगों की राजनीतिक ताकत छीनने का यह प्रयास भाजपा की एक साजिश है.” राहुल गांधी ने कहा कि संसद में हर तमिल और राष्ट्रीय पार्टी को परिसीमन विधेयक का विरोध करना चाहिए.
जनता से होगा विश्वासघात
उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी इस विधेयक का समर्थन करेगा, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस)-भाजपा को तमिलनाडु के लोगों पर हमला करने का अवसर देगा. उन्होंने कहा कि इतिहास ऐसे लोगों को “21वीं सदी का एट्टप्पन” के रूप में याद रखेगा. राहुल गांधी ने बताया कि 18वीं सदी के तमिल शासक एट्टप्पन का नाम विश्वासघात का पर्याय बन गया था, क्योंकि माना जाता है कि उन्होंने ब्रिटिशों की मदद कर स्वतंत्रता सेनानी वीरपांडिया कट्टाबोम्मन को पकड़वाने में भूमिका निभाई थी.
कांग्रेस नेताओं को दिया एकता का संदेश राहुल गांधी पार्टी के पुनर्गठन अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) अध्यक्षों के लिए आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन कार्यक्रम में शामिल होने तमिलनाडु पहुंचे थे. पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने संगठन में गुटबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि यह पार्टी के विकास में सबसे बड़ी बाधा है. उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी सभी को साथ लेकर नहीं चलते और जमीनी स्तर पर मेहनत नहीं करते, उनके लिए संगठन में कोई जगह नहीं है.
राहुल गांधी ने पार्टी के भीतर एकता और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया. नीट अभ्यर्थियों के परिजनों से की मुलाकात राहुल गांधी ने तमिलनाडु में नीट परीक्षा की तैयारी के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों से भी मुलाकात की. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसी व्यवस्था में ईमानदारी से मेहनत करने के लिए कहा जाता है, जो खुद उनके प्रति ईमानदार नहीं है.
उन्होंने कहा, “माता-पिता को अपने बच्चे के लिए शोक मनाते देखना सबसे दर्दनाक अनुभव है. हर उस छात्र के पीछे, जिसने अपनी जान गंवाई, एक ऐसा परिवार है जो जीवनभर इस दर्द के साथ जीएगा.” राहुल गांधी ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होना, परीक्षाओं का रद्द होना और वर्षों की मेहनत का एक झटके में बर्बाद हो जाना देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
माफी मांगने का उठाया मुद्दा
पीएम मोदी से माफी मांगने की मांग राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने लिखा कि जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को खो दिया है, उनके आंसुओं से बड़ा कोई दुख नहीं हो सकता. यह दर्द जीवनभर उनके साथ रहेगा और टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था पर सवाल भी हमेशा बने रहेंगे.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, “प्रधानमंत्री छात्रों को माफ करने की बात करते हैं, लेकिन क्या उन्होंने कभी उन परिवारों से मुलाकात की है, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया? क्या वे उन छात्रों से मिले हैं, जिनकी वर्षों की मेहनत और सपने प्रश्नपत्र लीक की वजह से बर्बाद हो गए? जवाब है- नहीं.” राहुल गांधी ने कहा कि भारत के विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री से माफी की नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री को विद्यार्थियों से माफी मांगने की जरूरत है. अपने सभी कार्यक्रमों के बाद राहुल गांधी चेन्नई से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए.
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