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नूंह: राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के लिए खड़ी रहीं छात्राओं की बिगड़ी तबीयत, 12 छात्रा बेहोश


हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले में स्वतंत्रता दिवस के गरिमामय अवसर पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. नूंह पुलिस लाइन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अव्यवस्थाओं और भीषण गर्मी के चलते एक दर्जन से अधिक स्कूली छात्राएं अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं. इस घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया.

जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली बच्चों से देशभक्ति के गीत गवाए जा रहे थे. इस दौरान बच्चों को तेज धूप और उमस भरी गर्मी में लगातार खड़ा रखा गया. बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में वंदे मातरम और राष्ट्रगान लगातार करीब 5 मिनट तक गाया गया. भीषण गर्मी और लंबे समय तक खड़े रहने के कारण छात्राएं बर्दाश्त नहीं कर पाईं और मंच के पास ही एक-एक कर बेहोश होकर गिरने लगीं. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भीड़ और उमस के कारण बच्चों का दम घुटने लगा था.

आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाई गईं छात्राएं

घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए. आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर सभी बेहोश छात्राओं को नूंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की त्वरित कार्रवाई और इलाज के बाद सभी बच्चों की हालत अब सामान्य बताई जा रही है.

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परिजनों ने प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

इस घटना के बाद छात्राओं के परिजनों में भारी आक्रोश है. परिजनों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि मौसम की परवाह किए बिना छोटे बच्चों को जबरदस्ती कड़ी धूप में खड़ा किया गया. कार्यक्रम स्थल पर बच्चों के लिए छाया और पानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे. सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिली है कि मुख्य कार्यक्रम से पहले हुई ‘रिहर्सल’ के दौरान भी कुछ बच्चियां गर्मी के कारण बेहोश हुई थीं, लेकिन प्रशासन ने इससे कोई सबक नहीं लिया और लापरवाही बरती.

बीजेपी नेता का बयान, सभी छात्राएं सुरक्षित घर लौटीं

बीजेपी के नूंह जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह पिंटू ने भी अस्पताल पहुंचकर छात्राओं का हाल जाना. उन्होंने पत्रकारों को बताया कि बेहोश होने वाली ज्यादातर छात्राएं उनके पैतृक गांव उजीना के गर्ल्स स्कूल की थीं. त्वरित उपचार के बाद सभी छात्राओं को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुकी हैं. हालांकि, इस घटना ने प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का स्पष्ट कहना है कि देशभक्ति के कार्यक्रम जरूरी हैं, लेकिन छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.

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