जयपुर ग्रामीण के रामपुरा कंवरपुरा गांव के सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है. स्कूल निरीक्षण के दौरान गांव वालों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद के मामले में दोनों पक्षों की ओर से क्रॉस FIR दर्ज हुई है. एक मामले में CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका समेत 50 से 60 अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमले, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप में SC-ST एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है.
वहीं, CJP की सक्रिय नेता रेखा शर्मा की शिकायत पर गांव के लोगों के खिलाफ भी मारपीट, पथराव और वाहनों के शीशे तोड़ने समेत कई आरोपों में FIR दर्ज की गई है.
रामपुरा कंवरपुरा गांव के सरकारी स्कूल के निरीक्षण के लिए 21 अगस्त को CJP की टीम पहुंची थी. इसी दौरान गांव वालों के साथ विवाद और मारपीट का आरोप सामने आया. मामले में गांव के दलित युवक भगवान सहाय धानका की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर जयपुर के शिवदासपुरा थाने में CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका और 50 से 60 अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
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पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 126(2), 189(2) और 352 के तहत केस दर्ज किया है. इसके साथ ही SC-ST एक्ट की धारा 3(1)(r), 3(1)(s) और 3(2)(va) भी लगाई गई हैं.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आशुतोष रांका और CJP के 50 से 60 लोग गांव में आए और वहां हंगामा किया. आरोप है कि इस दौरान महिलाओं और पुरुषों के साथ गाली-गलौज की गई और उनके साथ मारपीट की गई. शिकायत में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है.
CJP नेता की शिकायत पर गांव वालों के खिलाफ भी FIR
दूसरी तरफ CJP की सक्रिय नेता रेखा शर्मा की तहरीर पर भी रामपुरा कंवरपुरा गांव के लोगों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया गया है. रेखा शर्मा की शिकायत में कहा गया है कि CJP की टीम ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम के तहत रामपुरा कंवरपुरा गांव में भैंसों के तबेले में चलने वाले सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने जा रही थी.
आरोप है कि टीम के स्कूल तक पहुंचने से पहले ही कुछ अराजक तत्वों ने उन्हें घेर लिया. शिकायत के मुताबिक CJP टीम को स्कूल तक जाने नहीं दिया गया और रास्ते में ही उनके साथ जमकर मारपीट की गई. इस दौरान पथराव करने और गाड़ियों के शीशे तोड़ने के भी आरोप लगाए गए हैं.
तहरीर में कहा गया है कि इस कथित सुनियोजित हमले में CJP के कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं. रेखा शर्मा की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीजेपी कार्यकर्ता लालचंद शर्मा, कमल प्रधान और शंकर बागड़ा ने सुनियोजित तरीके से गुंडों और अराजक तत्वों को इकट्ठा किया और हमला करवाया.
इन तीनों के साथ ही कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में पुलिस ने BNS की धारा 115(2), 126(2), 189(2), 324(4) और 352 के तहत केस दर्ज किया है.
दोनों मुकदमे शिवदासपुरा थाने में, ACP करेंगे जांच
स्कूल निरीक्षण को लेकर हुए पूरे विवाद में दोनों मुकदमे जयपुर के शिवदासपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए हैं. दोनों मामलों की जांच चाकसू सर्किल के ACP भवानी सिंह को सौंपी गई है. एबीपी न्यूज़ के पास दोनों FIR की कॉपी भी एक्सक्लूसिव तौर पर मौजूद है.
फिलहाल दोनों ही मामलों में पुलिस ने किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है. जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के DCP साउथ जोन राजर्षि राज का कहना है कि दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी गई है और जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
DCP के मुताबिक गांव वालों की तरफ से जो शिकायत दी गई थी, वह एक दलित व्यक्ति की ओर से दी गई थी. इसी वजह से आरोपियों के खिलाफ SC-ST एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है.
क्रॉस FIR ने खड़े किए सवाल
इस पूरे मामले में दोनों पक्षों की ओर से FIR दर्ज होने के बाद अब कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. CJP की तरफ से आरोप लगाया जा रहा है कि पूरे घटनाक्रम के वीडियो फुटेज मौजूद हैं और उनसे साफ है कि हमला गांव के लोगों की तरफ से किया गया था.
CJP की ओर से यह भी दावा किया जा रहा है कि उनके कार्यकर्ताओं की मारपीट की कोई तस्वीर सामने नहीं आई है. पार्टी का आरोप है कि उसके खिलाफ दर्ज की गई क्रॉस FIR सिर्फ मामले को कमजोर करने के लिए दर्ज कराई गई है.
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वहीं, गांव के लोगों की शिकायत में CJP नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हंगामा करने, मारपीट करने, महिलाओं और पुरुषों के साथ गाली-गलौज करने तथा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
अब पूरे मामले में पुलिस की जांच अहम होगी. दोनों पक्षों के आरोपों, मौके के वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि रामपुरा कंवरपुरा गांव में स्कूल निरीक्षण के दौरान आखिर घटनाक्रम किस तरह हुआ और दोनों पक्षों की शिकायतों में लगाए गए आरोप कितने सही हैं.
