राजस्थान की राजनीति का एक ऐसा अध्याय जिसे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज भी नहीं भूले हैं. वो एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. डीडवाना में अंबेडकर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में गहलोत ने मानेसर कांड का जिक्र करते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया, जिसके बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है.
कार्यक्रम के दौरान अशोक गहलोत ने सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह ने हमारी पार्टी के लोगों को भड़काकर सरकार गिराने का षड्यंत्र रचा.
डीडवाना से पूर्व विधायक चेतन डूडी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे. यहां उन्होंने कानून व्यवस्था और पंचायती राज चुनाव में हो रही देरी को लेकर भी सरकार पर जमकर हमला बोला.
बीजेपी नेताओं पर भी साधा निशाना
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग बोलते हैं कि हम होटलों में रहे लेकिन हमें 34 दिन होटलों में इनके कुकर्मों की वजह से रहना पड़ा.
उन्होंने आगे कहा कि जब हमारी सरकार संकट में थी, तब असल में पीएम मोदी और अमित शाह का संकट था. ये हमारी पार्टी के नेताओं को भड़काकर ले गए. बीजेपी पर आरोप लगाते हुए गहलोत ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में सरकारें गिराई गईं, लेकिन राजस्थान में वे ऐसा नहीं कर पाए.
अशोक गहलोत ने मानेसर कांड को याद करते हुए कहा कि विधायक मेरे साथ थे, उनका विश्वास था. चेतन डूडी और दो-चार लोगों ने होशियारी से राजनीति की, जिसके कारण मेरी सरकार बच पाई. उनके इस बयान के बाद एक बार फिर इशारों-इशारों में सचिन पायलट से जुड़े घटनाक्रम की चर्चा शुरू हो गई है.
गौरतलब है कि साल 2020 में कांग्रेस सरकार के दौरान सचिन पायलट सहित 19 विधायक बागी होकर मानेसर चले गए थे, जिससे राज्य में बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया था. इस घटनाक्रम के बाद पायलट को प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा था.
गहलोत के ताजा बयान से साफ है कि “मानेसर कांड” आज भी राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है और आने वाले समय में इस पर सियासत और तेज हो सकती है.
