मेरठ में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की ओर से मंगलवार (1 सितंबर) मेरठ कमिश्नरी पर किसान-मजदूर महापंचायत का आयोजन किया गया. महापंचायत में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान सैकड़ो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों लेकर पहुंचे. किसानों की भीड़ और ट्रैक्टरों के काफिले से कमिश्नरी क्षेत्र में माहौल पूरी तरह किसान आंदोलन के रंग में नजर आया.
महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत भी पहुंचे. उन्होंने मंच से किसानों को संबोधित करते हुए उनकी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया. इस दौरान किसान नेताओं ने सरकार और प्रशासन से मांगों के जल्द समाधान की मांग की. महापंचायत में आगे की आंदोलन की रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई.
महापंचायत में किसानों की समस्याओं को उठाया
भाकियू की ओर से किसानों की कई प्रमुख समस्याओं को महापंचायत में उठाया गया. इनमें गन्ने का रेट 500 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने, गन्ने के बकाया भुगतान को जल्द दिलाने और चीनी के बढ़े हुए दाम का लाभ किसानों को बोनस या लाभांश के रूप में दिए जाने की मांग शामिल है.
इसके अलावा बिजली के बढ़े हुए लोड और ओवरलोडिंग पेनल्टी, स्मार्ट मीटर तथा ट्यूबवेल से जुड़े मामलों के समाधान की मांग भी उठाई गई. किसानों ने सहकारी समितियों में खाद की किल्लत और ब्याज वसूली में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया.
महापंचायत में उठा गन्ना किसानों के भुगतान का मुद्दा
महापंचायत में किनौनी शुगर मिल पर गन्ना किसानों के करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. भाकियू नेताओं का दावा है कि किसानों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है. किसानों का कहना है कि चीनी के बाजार भाव में बढ़ोतरी के बावजूद उसका पर्याप्त लाभ गन्ना उत्पादकों को नहीं मिल रहा है.
किसान नेताओं ने बताया कि किसानों की समस्याओं को लेकर 21 जुलाई को अपर मंडलायुक्त अमित कुमार को ज्ञापन सौंपा गया था. संगठन का आरोप है कि ज्ञापन के बावजूद समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ. इसके बाद किसानों ने कमिश्नरी पर महापंचायत और घेराव का निर्णय लिया.
महापंचायत में 5 हजार किसानों के पहुंचने का दावा
महापंचायत से पहले भाकियू की ओर से करीब 5 हजार ट्रैक्टरों के पहुंचने का दावा किया गया था. आज सुबह से ही मेरठ और आसपास के जिलों के गांवों और क्षेत्रों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिले मेरठ पहुंचते रहे. बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने के चलते कमिश्नरी के आसपास के मार्गों पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई.
किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई. कमिश्नरी के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही यातायात को सुचारु रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे. प्रमुख मार्गों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं.
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
महापंचायत में किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. संगठन की ओर से अनिश्चितकालीन धरना और जेल भरो आंदोलन जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी गई है.
