ईरान की सरकारी मीडिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे का मजाक उड़ाया है कि अमेरिका ईरान के साथ एक समझौते के करीब था, जिससे अमेरिका को मुफ्त तेल और होर्मुज स्ट्रेट को आजादी मिल जाएगी.
ईरान के सरकारी चैनल इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर ट्रंप के मीडिया से बातचीत का एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि अमेरिकी नेता हवा में महल बना रहे हैं. IRIB ने एक फारसी कहावत भी शेयर की, “ऊंट कपास के बीज का सपना देखता है, कभी उसे निगल जाता है, कभी दाने-दाने करके खाता है.”
Building castles in the air!
Or in Persian we have a similar proverb:
‘The camel dreams of cottonseed; sometimes gulping it down, sometimes eating it grain by grain!’شتر در خواب بیند پنبهدانه
گهی لپلپ خورد گه دانه دانه pic.twitter.com/HA15h1aQVU— IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) April 16, 2026
ये कहावत अक्सर ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल की जाती है, जिसकी इच्छाएं या सपने वास्तविकता से बहुत दूर हों और जिनके पूरे होने की संभावना न हो. अतीत में ईरान के अंतिम सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने भी ट्रंप का मजाक उड़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया था. खामेनेई 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए.
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वॉशिंगटन और तेहरान शांति समझौते के बहुत करीब- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वॉशिंगटन और तेहरान शांति समझौते के बहुत करीब हैं और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान समृद्ध यूरेनियम सौंपने पर सहमत हो गया है, जो बातचीत में एक अहम मुद्दा था. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि तेहरान के साथ समझौता होने की बहुत अच्छी संभावना है.
ट्रंप ने यह भी विश्वास जताया कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और संकेत दिया कि जल्द ही कोई सफलता मिल सकती है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस समय हमारी बातचीत बहुत सफल चल रही है.” उन्होंने आगे कहा, “अगर ऐसा हुआ तो इसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी और इससे हमें मुफ्त तेल मिलेगा. सब कुछ अच्छा हो जाएगा. मुझे लगता है कि तेल की कीमतें पहले से भी कम हो जाएंगी.”
आसिम मुनीर ने ईरानी स्पीकर से की मुलाकात
ट्रंप का ये बयान पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ की तेहरान में हुई मुलाकात के बाद आया है. यह मुलाकात अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता कराने के इस्लामाबाद के प्रयासों का हिस्सा थी.
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