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Xप्लेन: दुनिया के सबसे महंगे नेता सिंगापुर के पीएम, ट्रंप से पांच गुना ज्यादा सैलरी, जानें किस नेता को कितनी तनख्वाह


वैश्विक राजनीति में जब भी सार्वजनिक सेवा और शासन की बात होती है, तो राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों के वेतन (सैलरी) पर अक्सर बहस छिड़ जाती है. दुनिया भर में नेताओं के वेतन में भारी असमानता देखने को मिलती है. एक तरफ जहां सिंगापुर जैसे देश अपने मंत्रियों और प्रधानमंत्री को कॉर्पोरेट जगत की तर्ज पर करोड़ों रुपये का पैकेज देते हैं, वहीं भारत और चीन जैसे बड़े और विशाल आबादी वाले देशों में शीर्ष कूटनीतिक पदों पर बैठे नेताओं का आधिकारिक वेतन बेहद कम है.

सिंगापुर की सरकार का हमेशा से यह तर्क रहा है कि उच्च वेतन व्यवस्था से निजी क्षेत्र की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं सार्वजनिक सेवा और प्रशासन में आती हैं, जिससे भ्रष्टाचार कम होता है और सुशासन (गवर्नेंस) मजबूत बना रहता है. आइए जानते हैं कि सिंगापुर के प्रधानमंत्री से लेकर दुनिया के अन्य प्रमुख नेताओं का वार्षिक वेतन कितना है और इस अंतरराष्ट्रीय तुलना में भारत के प्रधानमंत्री कहां खड़े होते हैं.

1. सिंगापुर: लॉरेंस वोंग- दुनिया के सबसे महंगे प्रधानमंत्री 

सिंगापुर के वर्तमान प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग दुनिया के सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले राष्ट्राध्यक्ष हैं. सिंगापुर में प्रधानमंत्री का वार्षिक वेतन लगभग 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर (लगभग 1.6 से 2.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर या करीब 18 से 20 करोड़ रुपये) है.

हाल ही में जब सिंगापुर में नेताओं और मंत्रियों के वेतन ढांचे और स्वतंत्र समीक्षा समितियों की रिपोर्ट पर चर्चा हुई, तो सिंगापुर के नेतृत्व ने माना कि यह एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा है. लॉरेंस वोंग के अनुसार, अधिकांश नागरिकों की तुलना में यह रकम बहुत ज्यादा है, इसलिए इस पर जनता का ध्यान जाना स्वाभाविक है. लेकिन उनका मानना है कि सिंगापुर के दीर्घकालिक विकास और गुणवत्तापूर्ण राजनीतिक नेतृत्व को बनाए रखने के लिए यह मॉडल बेहद जरूरी है.

2. हांगकांग: जॉन ली

हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले नेताओं की सूची में दूसरे स्थान पर आते हैं. वे सालाना लगभग 7,19,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 6.84 करोड़ रुपये) कमाते हैं.

हालांकि हांगकांग एक पूर्ण स्वतंत्र देश नहीं है, फिर भी हांगकांग के शीर्ष प्रशासनिक पद की सैलरी दुनिया के अधिकांश शक्तिशाली राष्ट्रपतियों से कहीं अधिक है.

3. स्विट्जरलैंड: फेडरल प्रेसिडेंट 

स्विट्जरलैंड की राजनीतिक व्यवस्था दुनिया के अन्य देशों से काफी भिन्न है. वहां कोई एक सर्वशक्तिमान राष्ट्रपति नहीं होता, बल्कि 7 सदस्यों वाली ‘फेडरल काउंसिल’ देश चलाती है. काउंसिल के सदस्यों में से ही बारी-बारी से एक-एक साल के लिए राष्ट्रपति चुना जाता है.

स्विस राष्ट्रपति और फेडरल काउंसिल के सदस्यों का वार्षिक वेतन लगभग 5,00,000 स्विस फ़्रैंक (लगभग 6,00,000 अमेरिकी डॉलर या ₹5.76 करोड़) होता है. इस श्रेणी में स्विस राष्ट्रपति की सैलरी अमेरिकी राष्ट्रपति से भी अधिक बैठती है.

4. अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप

विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे शक्तिशाली देश माने जाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति का वार्षिक वेतन पिछले कई दशकों से तय और स्थिर है. अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक वेतन 4,00,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 3.35 करोड़ रुपये) प्रति वर्ष है. यह मानक वेतन 1999 से लागू है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है.

वेतन के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति को 50,000 डॉलर का वार्षिक खर्च खाता, 1,00,000 डॉलर का गैर-करयोग्य यात्रा भत्ता और मनोरंजन के लिए अतिरिक्त वित्तीय सुविधाएं मिलती हैं. सिंगापुर के प्रधानमंत्री की तुलना में अमेरिकी राष्ट्रपति का वेतन लगभग चार से पांच गुना कम है.

5. ब्रिटेन (UK): प्रधानमंत्री 

यूनाइटेड किंगडम (UK) के प्रधानमंत्री (वर्तमान में केअर स्टारमर) का कुल वार्षिक वेतन लगभग 1,67,000 ब्रिटिश पाउंड (लगभग 2,10,000 से 2,30,000 अमेरिकी डॉलर) होता है.

यह वेतन दो हिस्सों में बंटा होता है: एक सांसद (MP) के रूप में मिलने वाला वेतन और दूसरा प्रधानमंत्री के रूप में मिलने वाला अतिरिक्त पद भत्ता. सिंगापुर और हांगकांग के नेताओं की तुलना में ब्रिटिश प्रधानमंत्री की सैलरी काफी कम मानी जाती है.

6. चीन: शी जिनपिंग

चीन के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी जिनपिंग का आधिकारिक वार्षिक बुनियादी वेतन दुनिया के शीर्ष नेताओं में सबसे कम माना जाता है. 2015 में सिविल सर्विस वेतन सुधारों के तहत राष्ट्रपति की बेसिक सैलरी में 62% की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद उनका मासिक मूल वेतन बढ़कर 11,385 युआन हुआ.

इस हिसाब से राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आधिकारिक सालाना मूल वेतन लगभग 22,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 18 से 20 लाख रुपये) बैठता है. हालांकि, चीनी राष्ट्रपति को राज्य की ओर से सभी तरह की आधिकारिक सुविधाएं, सुरक्षा, आवास और भोजन पूरी तरह नि:शुल्क प्रदान किए जाते हैं.

7. भारत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  लगभग 20 लाख रुपये प्रति वर्ष

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के प्रधानमंत्री का वेतन अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बेहद सीमित है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हर महीने लगभग 1.66 लाख रुपये (यानी साल में लगभग 20 लाख रुपये या करीब 24,000 अमेरिकी डॉलर) का आधिकारिक वेतन और भत्ता मिलता है.

भारतीय प्रधानमंत्री के वेतन का ढांचा इस प्रकार है:

-मूल वेतन (Basic Salary): ₹50,000 प्रति माह

-संसदीय भत्ता (Parliamentary Allowance): ₹45,000 प्रति माह

-व्यय भत्ता (Sumptuary Allowance): ₹3,000 प्रति माह

-दैनिक भत्ता (Daily Allowance): ₹2,000 प्रति दिन (संसद सत्र या यात्रा के दौरान)



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