राजस्थान के बाड़मेर जिले के शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा एक बार फिर हटा दी गई है. इस फैसले के बाद भाटी ने सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है और कहा है कि वह किसी भी तरह के दबाव में आने वाले नहीं हैं.
सुरक्षा हटाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए भाटी ने कहा कि जाको राखे सईया मार सके न कोय. उन्होंने साफ कहा कि उन्हें जनता ने यहां तक पहुंचाया है और वह हमेशा जनता के साथ खड़े रहेंगे. उनका कहना है कि सरकार द्वारा उठाए जा रहे ऐसे कदम छोटे स्तर के राजनीतिक प्रयास हैं, जिनसे उनके हौसले कमजोर नहीं होंगे.
भाटी ने यह भी कहा कि जनता सब समझ रही है कि कब, क्यों और किस आधार पर सुरक्षा दी जाती है और कब हटाई जाती है. उन्होंने भरोसा जताया कि वह आगे भी लोगों के मुद्दों के लिए आवाज उठाते रहेंगे.
पहले मिली थी धमकी, बढ़ाई गई थी सुरक्षा
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2023 में विधायक बनने के बाद भाटी को एक सुरक्षा कर्मी पीएसओ दिया गया था. लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली थीं. इसके बाद पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ाते हुए एक और पीएसओ तैनात किया था.
जनवरी 2025 में उनकी सुरक्षा में लगे एक अतिरिक्त पीएसओ को हटा दिया गया था. हालांकि, जनवरी से मार्च 2025 के बीच फिर से धमकियों की सूचना सामने आई थी और खुफिया तंत्र ने भी खतरे की आशंका जताई थी. इसके बाद मार्च 2025 में सुरक्षा बढ़ाकर दो कमांडो और एक पुलिसकर्मी सहित कुल 4 पीएसओ कर दिए गए थे.
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जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि राज्य सरकार के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद अतिरिक्त सुरक्षा वापस ले ली गई है. पहले कुल चार पीएसओ तैनात थे, जिनमें से अब अतिरिक्त सुरक्षा हटा दी गई है.
इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. भाटी के समर्थकों का मानना है कि यह कदम गलत समय पर उठाया गया है, जबकि भाटी इसे सीधे तौर पर राजनीतिक दबाव से जोड़ रहे हैं.
