विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार रात संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख जताया. उन्होंने कहा कि कुछ देश आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन यह आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए खतरा है. पाकिस्तान का नाम लिए बिना जयशंकर ने कहा कि स्टेट स्पॉन्सर्ड आतंकवाद को खत्म करना होगा.
उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत की नीति जीरो टॉलरेंस की रही है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा है. इसलिए स्टेट स्पॉन्सर्ड आतंकवाद को खत्म करना होगा.
जयशंकर की दो टूक
यूएनजीए में जयशंकर ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाता रहेगा. उन्होंने कहा कि भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का पूरा अधिकार है. उन्होंने आगे यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि यह लड़ाई पिछले पांच वर्षों से चल रही है, जो चिंता का विषय है. इसके साथ ही जयशंकर ने कहा कि मिडिल ईस्ट में भी मौजूदा समय में चिंताजनक हालात बने हुए हैं.
जयशंकर ने कहा कि ऐसे समय में, जब संयुक्त राष्ट्र अपने नौवें दशक में प्रवेश कर रहा है, आपसी संघर्ष प्रमुख वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है. उन्होंने कहा कि इसे खत्म करने के लिए सामूहिक रूप से कदम उठाने की जरूरत है, ताकि संघर्षों का अंत किया जा सके.
विकास के लिए शांति जरूरी
भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा कि शांति बनाए रखने में विफलता सिर्फ सुरक्षा के लिए खतरा नहीं है, बल्कि विकास के लिए भी बड़ा खतरा है. ऐसे में किसी भी संघर्ष का वैश्विक प्रभाव होता है. उन्होंने समुद्र में जहाजों को लगातार निशाना बनाए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया.
वैश्विक मंच से उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाकर हमला करना स्वीकार्य नहीं है.
यूएनजीए के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से संघर्ष खत्म करने के आह्वान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है, अंतहीन लड़ाई अब खत्म होनी चाहिए.’’
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