जम्मू-कश्मीर में सरकार ने एक बार फिर सख्त कदम उठाते हुए उन स्कूलों पर कार्रवाई की है, जो सीधे या परोक्ष रूप से प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगी फलाह-ए-आम ट्रस्ट से जुड़े पाए गए हैं. प्रशासन ने ऐसे 58 स्कूलों की प्रबंधन समितियों को अपने कब्ज़े में ले लिया है.
अधिकारियों के अनुसार, ये सभी 58 स्कूल अभी चालू हालत में थे और जांच के दौरान इनका संबंध प्रतिबंधित संगठन या उसके ट्रस्ट से जुड़ा मिला. इसी के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन स्कूलों का संचालन अपने हाथ में ले लिया. सरकार का कहना है कि इस कदम से छात्रों की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा और स्कूल पहले की तरह चलते रहेंगे.
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है. पिछले साल भी सरकार ने ऐसे ही अभियान के तहत 215 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को जब्त किया था. उस समय भी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया था. अब उसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए नई कार्रवाई की गई है, जिससे साफ है कि सरकार इस मामले में लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है.
प्रशासन ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे इन स्कूलों का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में लें और नई, जांची-परखी प्रबंधन समितियां बनाएं. साथ ही, स्कूलों में सरकारी टीमें भी तैनात कर दी गई हैं ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो और पढ़ाई सुचारु रूप से चलती रहे.
अधिकारियों ने साफ किया है कि इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ प्रशासनिक सुधार है, न कि छात्रों को परेशान करना. सरकार चाहती है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मानकों के अनुसार बच्चों को बेहतर और बिना रुकावट शिक्षा मिलती रहे.
सरकार का यह कदम सुरक्षा और शिक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों को रोका जा सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे.
