दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को लेकर आज केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में लंबी बैठक हुई. इसमें प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक्शन बेस्ड प्लानिंग पर चर्चा हुई और कई अहम कदम प्रस्तावित किए गए. ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम को और सख्ती से लागू किया जाएगा. करीब 500 पेट्रोल पंपों पर ANPR camera अभियान और अक्टूबर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलेगा. इसके साथ ही 3 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों के जरिए करीब 2.5 लाख वाहनों की फिटनेस जांच की जाएगी.
बैठक में ये तय हुआ कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली मेट्रो के सारथी ऐप को प्रमोट किया जाएगा. प्रदूषण के हॉटस्पॉट पर मंत्री, सांसद, विधायक और मुख्यमंत्री स्तर के लोग दौरा करेंगे और हॉटस्पॉट खत्म करने पर फोकस रहेगा. हर डीएम कार्यालय में जाकर हॉटस्पॉट के आसपास की गतिविधियों और प्रदूषण के कारणों की समीक्षा की जाएगी. प्रदूषण के लिए पहले 62 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए थे, जिनमें से 42 पर काम किया जा चुका है, बाकी पर भी कार्रवाई जारी है.
‘जीरो बर्निंग’ के तहत हीटिंग स्पॉट बनाए जाएंगे
ब्राउन पैच को खत्म करने और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए घास, झाड़ियों और अन्य हरियाली लगाने का काम किया जाएगा. हर सड़क की हर 15 दिन में डीप क्लीनिंग कराई जाएगी. ‘जीरो बर्निंग’ के तहत हीटिंग स्पॉट बनाए जाएंगे, जहां जरूरत के मुताबिक हीटर की व्यवस्था होगी, ताकि खुले में बायोमास जलाने पर रोक लगाई जा सके. ग्रीन दिल्ली के तहत पौधरोपण का लक्ष्य पूरा हो चुका है. अब जरूरत के अनुसार घास, झाड़ियां और अन्य हरियाली विकसित की जाएगी.
निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर प्रतिबंध
1 नवंबर से 31 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा. वहीं 1 नवंबर से पार्किंग फीस दोगुनी की जाएगी. ऑफिस टाइमिंग को स्टैगर्ड किया जाएगा और 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम को लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. दिल्ली के बाहर से आने वाले BS-VI से कम मानक वाले वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा. EV वाहनों पर अतिरिक्त पार्किंग शुल्क नहीं लगाया जाएगा. इसके अलावा जहां भी ई-वेस्ट जलाने की गतिविधि मिलेगी, वहां कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर इमारत को सील भी किया जाएगा.
1 दिसंबर 2025 से दिसंबर 2026 तक की कार्रवाई में 2,283 इमारतों को सील किया जा चुका है. लोगों को जागरूक करने के साथ कार पूलिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. हर जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो हॉटस्पॉट को खत्म करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करेंगे और नियमित ऑन-ग्राउंड निरीक्षण भी करेंगे. AI-Enabled पोर्टल के जरिए प्रदूषण की निगरानी और जांच की जा रही है. पोर्टल पर प्रदूषण से जुड़ी विस्तृत जानकारी मिलती है, जिसके आधार पर संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
CAQM के मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़ाए जाएंगे
प्रदूषण की अधिकतम निगरानी के लिए CAQM के मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़ाए जा रहे हैं. इन स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 60 की जाएगी, जिससे अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण की बेहतर निगरानी हो सके. अगर कहीं कूड़ा पड़ा है या प्रदूषण फैलाने वाली कोई गतिविधि हो रही है, तो लोग 311 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी.
