टीवी और बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर शरद केलकर फैंस के बीच एक खास पहचान रखते हैं. मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जन्मे शरद ने अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई. जबकि कई फिल्मों में हीरो की आवाज बनकर भी वो फैंस का दिल जीतने में कामयाब हुए. आइए आज एक्टर के जन्मदिन पर जानते हैं उनकी कुछ खास बातें.
कभी जिम इंस्ट्रक्टर थे शरद केलकर
शरद केलकर का जन्म 7 अक्टूबर 1976 को ग्वालियर में हुआ था. उन्होंने ग्वालियर में ही मार्केटिंग में एमबीए किया था. इसके बाद करियर की शुरुआत में जिम इंस्ट्रक्टर के रूप में काम किया. बता दें कि एक्टर ने फिजिकल एजुकेशन में भी डिग्री ली थी.
इन शोज से बनाई पहचान
शरद केलकर ने छोटे पर्दे पर अपना एक्टिंग डेब्यू साल 2004 में टीवी शो ‘आक्रोश’ से किया था. इसमें वो इंस्पेक्टर सचिन कुलकर्णी के रोल में नजर आए. इसके बाद वो ‘उतरन’, ‘कुछ तो लोग कहेंगे’, ‘सात फेरे: सलोनी का सफर’ और ‘सिंदूर तेरे नाम का’ जैसे शोज में भी दिखाई दिए और घर-घर में पॉपुलैरिटी हासिल की.
फिल्मों में भी छाए शरद
साल 2004 में ही शरद ने फिल्म ‘हलचल’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इसमें उन्होंने एक छोटा सा किरदार निभाया था. इसके बाद ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’, ‘गोलियों की रासलीला: राम लीला’ और लक्ष्मी जैसी फिल्मों से भी एक्टिंग का लोहा मनवाया. उन्होंने कई मराठी और साउथ फिल्मों में भी काम किया. वो ‘राक्षस’, ‘माधुरी’ और ‘यंगराड’ जैसी मराठी फिल्मों में नजर आए.
आवाज से भी फैंस के चहेते बने शरद
शरद केलकर ने कई बार अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा और अपनी आवाज से भी दर्शकों का दिल जीता. प्रभास की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बाहुबली’ के हिंदी वर्जन में प्रभास के किरदार को आवाज देकर वो काफी चर्चा में रहे थे.

वहीं ‘गार्डियंस ऑफ़ द गैलेक्सी’, ‘एक्सएक्सएक्स: रिटर्न ऑफ़ जेंडर केज’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों के लिए भी डबिंग की. जबकि कभी वो हकलाने की समस्या से पीड़ित थे. उन्होंने बचपन में स्पीच डिसऑर्डर का सामना किया था. लेकिन, बाद में उन्होंने अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत में तब्दील कर लिया. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक्टिंग में आने से पहले तक वो हकलाते थे.
