कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2015 का एक पोस्ट शेयर किया. थरूर ने इसकी तुलना दिल्ली के मौजूदा हालात से की, जहां पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरती.
थरूर ने एक्स पर पीएम मोदी का 25 जून, 2015 का पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “आज के युवाओं को वही सब बातें सिखाने के लिए धन्यवाद, मोदी जी.” उस पुराने ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा था, “व्यक्तिगत रूप से इमरजेंसी की यादें ताजा हो जाती हैं. युवा होने के नाते हमने इमरजेंसी-विरोधी आंदोलन के दौरान बहुत कुछ सीखा था.”
थरूर ने बताया ‘अघोषित इमर्जेंसी’
इससे पहले दिन में शशि थरूर ने दिल्ली में लगाई गई तमाम पाबंदियों को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने मौजूदा हालात को युद्ध जैसी तैनाती बताया और कहा कि GenZ को ‘अघोषित इमर्जेंसी’ से बेहतर स्थिति मिलनी चाहिए. तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा कि वे रात 2 बजे के बाद दिल्ली लौटे थे और उन्होंने राजधानी में सुरक्षा के ऐसे इंतजाम पहले कभी नहीं देखे थे.
Thanks for teaching today’s youngsters many of the same lessons, Modiji!
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) October 10, 2026
इस दौरान थरूर ने चेकपॉइंट, कंक्रीट बैरिकेड, स्पाइक स्ट्रिप, 22,000 पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती, ट्रेन सेवाओं के रद्द होने और युवाओं को हिरासत में लिए जाने की खबरों का जिक्र किया. राजधानी के बीचों-बीच इंटरनेट सेवाएं बंद करने और जंतर-मंतर जाने पर रोक को लेकर सवाल उठाते हुए थरूर ने कहा कि सरकार को नागरिकों को सवाल उठाने से रोकने के बजाय चुनावों की निष्पक्षता से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए.
बात कहने की आजादी देनी चाहिए- थरूर
उन्होंने कहा, “सरकार को जवाब देना चाहिए, लाठियां नहीं और अपनी बात कहने की आजादी देनी चाहिए, उसे दबाना नहीं चाहिए.” उन्होंने यह भी कहा कि बैरिकेड लगाने से चुनाव आयोग में जनता का भरोसा बहाल नहीं होगा. विपक्षी नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक असहमति को दबाने का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी ने प्रदर्शन के आयोजकों पर देश को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने ANI को बताया कि CJP नेताओं को छोड़कर हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा कर दिया गया है. इन नेताओं के मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा. मेट्रो स्टेशन बंद करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट रविवार को अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगा.
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