कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस हिरासत में लिए जाने को इमरजेंसी करार दिया है. CJP ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस द्वारा अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को उठाए हुए 10 घंटे हो चुके हैं. पार्टी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘हमें अभी भी नहीं पता कि वे कहां हैं, हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है. दिल्ली पुलिस ने उन्हें कहां रखा है? किसी को इस तरह उठा ले जाना कैसे स्वीकार्य हो सकता है?’
सीजेपी लीगल टीम की हेड रत्ना सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सौरव दास, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और बाकी सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा करें. उन्होंने कहा, सभी को नजरबंद करना और हिरासत में लेना गैर-कानूनी है.’ इस दौरान रत्नी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को भी कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा, ‘जब आजादी दांव पर हो तो सुप्रीम कोर्ट को कदम उठाना चाहिए. व्यक्तिगत आजादी से जुड़े जरूरी मामलों में आधी रात को भी सुनवाई हुई है तो फिर जब सरकारी तंत्र लोगों की आजादी छीनता है, तो वह तेजी क्यों नहीं दिखती? आजादी चुनिंदा नहीं हो सकती. जब आजादी दांव पर हो, तो न्याय को सोए नहीं रहना चाहिए.
सरकार डरी हुई है: अजिंक्य शिंदे
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी ने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की है. सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज शेयर कर मोदी सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका हमारे इन तीन सीजेपी के नेताओं को दिल्ली पुलिस ने एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया है. ये तानाशाही सरकार इस देश की एकजुटता से एक बार फिर डर चुकी है.’
उन्होंने कहा, ‘आपको याद होगा कि पिछली बार जब पूरा देश एकजुट होकर जंतर-मंतर पर आया था, तब मोदी सरकार का अहंकार हमने चकनाचूर कर दिया था. इस वजह से इस बार लोग जंतर-मंतर न पहुंचें, इन्होंने ट्रेन बंद कर दी, मेट्रो बंद कर दीं और बसों तक को बंद कर दिया गया. यहां तक कि उन सारे माध्यमों और रास्तों को बंद कर दिया गया, जहां से लोग आ रहे थे.’
दिल्ली में इमरजेंसी लगी दी: अजिंक्य शिंदे
सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि केंद्र सरकार का डर ये दिखाता है कि आधी लड़ाई तो हम जीत चुके हैं और ये एक नई लड़ाई की शुरुआत है. उन्होंने कहा, ‘हम क्या मांग रहे थे, इस देश के लोग क्या मांग रहे थे, जिनका वोट का अधिकार चोरी हो चुका है, उनको उसका ये अधिकार वापस मिले, जिस सीईसी ने वोट चोरी किया है, उनका इस्तीफा हो…यही तो मांग रहे थे. इसकी वजह से इस तानाशाही सरकार ने पूरी दिल्ली में इमरजेंसी लगा दी और पूरी दिल्ली बंद कर दी.
