राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल से मुलाकात करने के बाद ध्रुव राठी ने एबीपी न्यूज से बात की. इस दौरान उन्होंने कहा, मैं हर पार्टी को सपोर्ट करता हूं. मुझे बस मुद्दा देखना है. इलेक्शन कमीशन में सुधार देखना है. मैंने आधिकारिक कोई साइन नहीं किया है. मेरा प्लान तो सिर्फ दो से तीन दिन रहने का था.
इसके अलावा राठी ने कहा है कि मैं यहां एक व्यक्ति के तौर पर आया हूं. ऐसा नहीं है कि मैं सीजेपी या किसी अन्य संगठन से जुड़ा हूं. मैं अपनी निजी हैसियत से आया हूं. ठीक वैसे ही जैसे देशभर के लाखों लोग विरोध कर रहे हैं.
भारत प्रोटेस्ट में शामिल होने आया था: ध्रुव राठी
राठी ने आगे कहा कि वह भारत इसी मुद्दे की वजह से आए थे. प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए. यह ऐसा मुद्दा है, जिसके लिए सच में महसूस करता हूं कि इलेक्शन कमीशन न्यूट्रल होना चाहिए. वोट चोरी बहुत गंभीर मुद्दा है. इसके बिना लोकतंत्र का वजूद नहीं है. जैसा पिछले इलेक्शन में हुआ है. यह डेमोक्रेटिक देश नहीं है. यह डिक्टेटरशिप की ओर ज्यादा गिर चुका है. हम तानाशाही के करीब जा चुके हैं. 100 प्रतिशत कुछ भी नहीं है.
इससे पहले राठी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि आज शाम साढ़े 6 बजे मैं कपिल सिब्बल जी से मुलाकात करूंगा और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए खुश हूं. एक अन्य पोस्ट में राठी ने कहा था कि मैंने किसी तरह का बॉन्ड साइन नहीं किया है. नहीं किसी तरह की अंडरटैकिंग को साइन किया है. न ही रिहाई के लिए किसी तरह की कंडीशन पर साइन किए.
ध्रुव को दिल्ली पुलिस ने किया था डिटेन
ध्रुव राठी को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने प्रोटेस्ट में शामिल होने से रोकने के लिए गुरग्राम के घर से उठाकर डिटेन कर लिया था. एक अन्य वीडियो में ध्रुव ने बताया था कि कैसे सुबह वह जब बेडरूम में सो रहे थे, तब बड़ी संख्या में कुछ लोग उनके घर में घुस आए. उनके मां और पिता से हाथापाई की. इस दौरान ध्रुव ने कई तरह के आरोप भी दिल्ली पुलिस पर लगाए. उन्होंने कहा था कि यह डिटेंशन नहीं था, यह एक तरह से किडनैप किया गया था. अभी भी उनके ऊपर लगातार नजर रखी जा रही है. इसके अलावा राठी ने उन विदेशी नागरिक होने के दावों को नकार कर कहा है कि वह एकदम भारतीय हैं. उनके पास पासपोर्ट है और अन्य की तरह ही नागरिक अधिकार भी हैं.
