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नेपाल में आई बाढ़ से तबाही, कितना नुकसान, कितने रेस्क्यू? जानें ताजा हालात


नेपाल के गोरखा जिले में रविवार (11 अक्टूबर) को अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. बूढ़ी गंडकी नदी और उससे जुड़ी जलधाराओं में पानी का तेज बहाव आने से घर, पुल, सड़कें और बिजली परियोजनाओं से जुड़े निर्माण स्थल प्रभावित हुए हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, भूस्खलन के कारण नदी का रास्ता रुक गया था. इसके बाद पानी का दबाव बढ़ने और रुकावट टूटने से अचानक बाढ़ आ गई. इस घटना में पांच लोग लापता बताए गए हैं. बचाव दल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं.

बाढ़ का असर गोरखा जिले की चुमनुब्री और धारचे गांव में ज्यादा देखने को मिला है. अधिकारियों के शुरुआती आकलन के मुताबिक, भूस्खलन के कारण नदी का रास्ता कुछ समय के लिए बंद हो गया था. पानी जमा होने के बाद जब  टूटी तो पानी और मलबा तेजी से नीचे की ओर बहने लगा. प्रशासन ने बूढ़ी गंडकी नदी के किनारे और नीचे की ओर बसे इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है. गोरखा के निचले इलाकों में भी सावधानी बरतने को कहा गया है.

5 लोग लापता, 95 लोगों को हेलीकॉप्टर से बचाया गया

बाढ़ के बाद 5 लोगों के लापता होने की खबर है, इनमें 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं. बचाव दल उनकी तलाश कर रहे हैं. नेपाली सेना ने 4 हेलीकॉप्टरों की मदद से 95 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. इनमें नौ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के प्रशासनिक प्रमुख नारायण प्रसाद सपकोटा ने अलग से बताया कि रविवार को इलाके से 96 लोगों को बचाया गया. मुश्किल इलाकों तक सड़क से पहुंचना मुश्किल होने के कारण हेलीकॉप्टरों से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. प्रभावित लोगों के लिए भोजन, दवाइयां, टेंट और दूसरी जरूरी चीजें भेजी जा रही हैं. सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन राहत और बचाव अभियान में लगे हैं.

कई पुल टूटे, उत्तरी गोरखा का संपर्क प्रभावित

बाढ़ के तेज बहाव में कई पुल बह गए हैं. इनमें गोरखा और धाडिंग जिलों को जोड़ने वाला सड़क पुल भी शामिल है. इसके अलावा चुमनुब्री और धारचे के कई इलाकों में पैदल आने-जाने के लिए बने पुलों को भी नुकसान पहुंचा है. सड़क और पैदल रास्ते टूटने से उत्तरी गोरखा की कई बस्तियों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. कुछ इलाकों में लोगों और जरूरी सामान को पहुंचाने के लिए अब हवाई मदद की जरूरत पड़ रही है.

45 घर पूरी तरह नष्ट, स्कूल को भी नुकसान

नेपाल के स्थानीय अखबार ‘काठमांडू पोस्ट’ की 12 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती आकलन में चुमनुब्री और धारचे के प्रभावित इलाकों में करीब 45 घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं और 27 घरों को नुकसान पहुंचा है. चुमनुब्री में ही 31 घर बह जाने की बात कही गई है. बाढ़ से घट्टेखोला स्थित विकास बेसिक स्कूल को भी नुकसान पहुंचा है.

मानसुलु क्षेत्र में फंसे पर्यटक, ट्रेकिंग रास्ते बंद

बाढ़ का असर नेपाल के लोकप्रिय मानसुलु ट्रेकिंग क्षेत्र पर भी पड़ा है. पुल और पैदल रास्ते टूटने के कारण कई पर्यटक अपनी यात्रा आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं. मानसुलु संरक्षण क्षेत्र परियोजना के सूचना अधिकारी भुवन ओझा के अनुसार, पर्यटक फिलहाल उन्हीं जगहों पर रुके हुए हैं, जहां उन्होंने पिछली रात बिताई थी. उन्होंने बताया कि पर्यटक सुरक्षित हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, जगत में करीब 115 और लोकपा में लगभग 40 पर्यटक मौजूद थे. जगतबगर से फिलिम जाने वाला रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि सुम घाटी की ओर जाने वाला ट्रेकिंग मार्ग बंद कर दिया गया है. इससे पर्यटकों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने में परेशानी हो सकती है. 

3 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को नुकसान

बाढ़ से 3 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी प्रभावित हुए हैं. सल्लेरी में बन रही 341 मेगावाट की बुधी गंडकी परियोजना के निर्माण स्थल पर पानी घुस गया और कुछ उपकरण बह गए. निर्माण शिविर को भी नुकसान पहुंचा है. दोभान में 24.5 मेगावाट की परियोजना के निर्माण शिविर और बेली ब्रिज को नुकसान हुआ है. 16 मेगावाट की माछाखोला हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट तक जाने वाली सड़क भी खराब हो चुकी है. इन नुकसानों से परियोजनाओं के काम और प्रभावित इलाकों तक पहुंच बहाल करने में देरी हो सकती है.

राहत और संपर्क बहाल करना बड़ी चुनौती

गोरखा में बाढ़ के बाद प्रशासन के सामने लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाने और टूटे रास्तों को फिर से खोलने की चुनौती है. कई बस्तियों तक सड़क से पहुंचना मुश्किल होने के कारण राहत अभियान में हेलीकॉप्टरों की अहम भूमिका बनी हुई है. अधिकारियों ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और खतरे वाले स्थानों से दूर जाने की अपील की है. प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.

काठमांडू में मौसम का हाल

काठमांडू में बादल वाला रहने की उम्मीद है. अधिकतम तापमान 25–27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14–16 डिग्री सेल्सियस रहेगा. आज रात मौसम मुख्य रूप से साफ़ रहने का अनुमान है.  सबसे गर्म जगहों में से सिमरा और जनकपुर रहने वाला है. इस दौरान दिन में अधिकतम तापमान 33–35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है. जोमसोम में दिन का अधिकतम तापमान 16–18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.



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