मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (12 अक्टूबर) को याचिका दाखिल की. बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले और शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत समेत 11 नेताओं ने याचिका दाखिल की.
याचिकाकर्ताओं में इनके अलावा आरजेडी से तेजस्वी यादव, टीएमसी से सौगत रॉय, लेफ्ट से एम. ए. बेबी और डी राजा, जेएमएम से महुआ माझी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) से ई.टी. मोहम्मद बशीर शामिल हैं.
किन लोगों को बनाया पार्टी?
उन्होंने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को पार्टी बनाया है.
चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि याचिका की तकनीकी त्रुटियां को आज ही दूर करवाने की कोशिश की जाए. माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट नें मंगलवार (13 अक्टूबर) को सुनवाई हो सकती है.
सीजेआई से मिलने का अनुरोध
इससे पहले राहुल गांधी ने सीजेआई से मिलने का अनुरोध किया था, जिसे सीजेआई ने मामला न्यायालय में है कहकर ठुकरा दिया. उन्होंने कहा कि वो याचिका दाखिल कर सकते हैं.
इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि हमने CJI को पत्र लिखा था. उन्होंने हमें याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया. अब ‘वोट चोरी’ के खिलाफ INDIA गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे और याचिका दाखिल करेंगे.
उन्होंने कहा, ”लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की इस लड़ाई में देशवासियों, आइए हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चलें. कनॉट प्लेस पहुंचें और इस मार्च का हिस्सा बनें. अगर नहीं आ सकते, तो जहाँ हैं, वहीं से अपनी आवाज़ बुलंद करें!”
इसके बाद करीब दो बजे राहुल गांधी का मार्च शुरू हुआ और सुप्रीम कोर्ट तक गया. इस दौरान काफी भीड़ देखी गई. राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत अन्य बड़े नेता सुप्रीम कोर्ट कैंपस के भीतर गए.
