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MLC चुनाव से पहले RLM में संग्राम! रामपुकार सिन्हा सस्पेंड, अब 3 MLA पर गिरेगी गाज?


राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) ने पार्टी अनुशासन तोड़ने के आरोप में प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता रामपुकार सिन्हा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. पार्टी ने सिन्हा को 6 साल के लिए निलंबित कर दिया है. बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव में सारण शिक्षक निर्वाचन सीट से एनडीए प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने के कारण यह कार्रवाई की गई है.

जब सिन्हा ने  नामांकन पर्चा भरा था तब उनके साथ RLM के 3 और विधायक ((माधव आनंद,आलोक सिंह और रामेश्वर महतो) भी थे, ऐसे में आशंका है जताई जा रही है कि पार्टी इन तीन विधायको के खिलाफ भी एक्शन ले सकती है. हालांकि, इसको लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है. 

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पूरा मामला क्या है?

सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे रामपुकार सिन्हा को पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी से 6 साल के निलंबित किया है. पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सह मुख्यालय प्रभारी प्रशांत पंकज ने इसकी जानकारी दी है. लेटर जारी कर बताया कि रामपुकार सिन्हा ने एनडीए के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़कर पार्टी अनुशासन तोड़ा है. इसी वजह से उन्हें छह साल के लिए निलंबित किया गया है

बता दें सारण सीट से एनडीए से जदयू प्रत्याशी पुष्कर आनंद मैदान में हैं, जबकि रामपुकार सिन्हा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया है. पार्टी के चार में से तीन विधायक आलोक सिंह, माधव आनंद और रामेश्वर महतो राम पुकार सिंह के नामांकन के दौरान उनके साथ ही मौजूद थे. तीनों विधायक उनका समर्थन कर रहे हैं. 

सिन्हा पार्टी के खिलाफ क्यों गए?

दरअसल, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की यह सीट NDA गठबंधन के तहत जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के पास चली गई है, जिसके बाद JDU ने आनंद को सीट से मैदान में उतारा है. RLM के बागी विधायक इस निर्णय से खुश नहीं है और उनका मानना है कि पार्टी ने आसानी से इस सीट को छोड़ दिया है. इसके बाद रामपुकार सिन्हा ने अकेले ही पार्टी के खिलाफ जाकर निर्दलीय तौर पर अपना नामांकन भर दिया है और उनका दावा है कि उन्हें RLM के अन्य नेताओं का भारी समर्थन प्राप्त है. हालांकि, पार्टी ने तुरंत सिन्हा के खिलाफ एक्शन लेकर अपना रूख साफ कर दिया है.

ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इस मामले में इन विधायकों पर क्या निर्णय लेती है? सवाल उठ रहा है क्या विधायकों पर भी कार्रवाई होगी? उपेंद्र कुशवाहा कह चुके हैं कि एनडीए से JDU प्रत्याशी का पार्टी समर्थन करेगी.

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