देश में एसआईआर पर जारी राजनीतिक घमासान के बीच दक्षिण भारत के दो धुर विरोधी नेता तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू के बीच मुलाकात हुई है. इस मुलाकात को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि विजय कांग्रेस की मदद से सरकार चला रहे हैं तो वहीं चंद्रबाबू नायडू मोदी सरकार के सहयोगी हैं. पिछले कुछ दिनों में सीएम विजय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी मुलाकात कर चुके हैं.
तमिलनाडु के सीएम विजय और आंध्र प्रदेश के सीएम नायडू के बीच 13 अक्टूबर को कृष्णा नदी जल के मुद्दे पर बातचीत को लेकर मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों सीएम के बीच तेलुगु गंगा परियोजना के तहत चेन्नई की पीने के पानी की जरूरतों पर बात हुई. सीएम नायडू ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो परियोजना पर भी बात हुई. उन्होंने कहा कि हम साथ मिलकर पानी के इन आपसी संसाधनों से सबकी तरक्की का रास्ता खोल सकते हैं.
पानी आपसी सहयोग का जरिया होना चाहिए: नायडू
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने बताया, ‘आंध्र प्रदेश ने इस साल चेन्नई के लिए 4.08 थाउजेंड मिलियन क्यूबिक फीट (TMC) पानी पहले ही छोड़ दिया है. हमारे पास खुद पानी की कमी है, फिर भी हम अपने लोगों की जरूरतों का ध्यान रखते हुए पड़ोसी राज्य की मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. मेरा मानना है कि पानी आपसी सहयोग का जरिया होना चाहिए, विवाद का नहीं. राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और केंद्र सरकार की मदद से गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ो परियोजना पानी की किल्लत का एक पक्का समाधान बन सकती है. यह खेती की तस्वीर बदल सकती है और पूरे दक्षिण भारत के लाखों किसानों के जीवन में खुशहाली ला सकती है.’
दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक से पहले पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर काम करने वाले गैर-सरकारी संगठन ‘पूवुलागिन ननबर्गल’ के जलवायु कार्यकर्ता जी. सुंदरराजन ने मुख्यमंत्री विजय से आग्रह किया था कि वह आंध्र प्रदेश के अपने समकक्ष से कांडलेरू जलाशय से तत्काल पानी छोड़ने के लिए कदम उठाने का अनुरोध करें. उन्होंने श्रीशैलम से भी तेलुगु गंगा परियोजना के लिए पानी आवंटित करने की मांग की. सुंदरराजन ने कहा कि पड़ोसी राज्य के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विजय को चेन्नई की मौजूदा पेयजल जरूरतों, पूंडी सहित विभिन्न झीलों में जलस्तर और इस वर्ष कृष्णा नदी से मिले पानी की मात्रा से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत करने चाहिए.
