प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने ‘मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002’ के तहत M/s भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरीमिल्क प्राइवेट लिमिटेड और M/s श्री वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड, उनके प्रमोटर विपिन जैन और पोमिल जैन और उनके परिवार के सदस्यों, M/s सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके प्रमोटर कैलाश चंद मंगला और उनके परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित संस्थाओं/व्यक्तियों की 129.85 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है.
यह कार्रवाई तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में घी में मिलावट के धोखाधड़ी मामले में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है. ED की जांच तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें TTD को मिलावटी घी की धोखाधड़ी से आपूर्ति करने में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था.
जांच करने वाली एजेंसी ने नेल्लोर में SPE और ACB मामलों के माननीय विशेष न्यायाधीश के समक्ष एक चार्जशीट और एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की. इसमें भगवान वेंकटेश्वर के पवित्र लड्डू प्रसाद को बनाने के लिए TTD को मिलावटी घी की आपूर्ति करने की एक बड़ी आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ, जिससे TTD के साथ धोखाधड़ी हुई, सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा पैदा हुआ और भारी गैर-कानूनी कमाई हुई.
PMLA के तहत जांच से पता चला है कि M/s भोले बाबा ने सीधे और उन ‘फ्रंट डेयरियों’ (कमीशन के लिए अपने नाम से TTD टेंडर भरने वाली डेयरियों) के माध्यम से TTD को 234.5 करोड़ रुपये का मिलावटी घी सप्लाई किया था. असल में, यह घी M/s भोले बाबा और M/s सुकृति फूड्स की फैक्ट्रियों में रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नल ऑयल और पामोलिन को मोनो-ग्लिसराइड्स, एसिटिक एसिड एस्टर, लैक्टिक एसिड और बीटा-कैरोटीन जैसे रसायनों के साथ मिलाकर बनाया जाता था और इसे खाने योग्य तेल के तौर पर दिखाया जाता था.
हिसाब-किताब को सही दिखाने के लिए, इस्तेमाल किए गए पाम ऑयल को फर्जी खरीदारों को बेचा हुआ दिखाया गया, जबकि असली डेयरी कामकाज दिखाने के लिए दूध और घी की फर्जी खरीद और स्किम्ड मिल्क जैसे उप-उत्पादों की फर्जी बिक्री दर्ज की गई. फर्जी खरीद के लिए बैंकिंग चैनलों से किए गए पेमेंट हवाला चैनलों के जरिए कैश में वापस आ जाते थे. इस कैश का इस्तेमाल फर्जी पाम-ऑयल खरीदारों को फंड देने, फ्रंट डेयरियों को कमीशन देने और धोखाधड़ी से जुड़े दूसरे लोगों को पेमेंट करने के लिए किया जाता था.
इससे पहले, ED ने 3 जून 2026 को उत्तराखंड, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में मुख्य साजिशकर्ताओं, फ्रंट डेयरियों, केमिकल सप्लायरों और अकोमोडेशन-एंट्री प्रोवाइडरों से जुड़ी 16 जगहों पर तलाशी ली थी. इस दौरान 2.7 करोड़ रुपये नकद और बैंक बैलेंस जब्त/फ्रीज किए गए.
ED ने M/s भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरीमिल्क प्राइवेट लिमिटेड और M/s सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर और डायरेक्टर क्रमशः विपिन जैन और कैलाश चंद मंगला को भी गिरफ्तार किया है. इन्होंने ही मिलावटी घी बनाने और TTD को उसकी धोखाधड़ी से सप्लाई करने की साजिश रची थी. PMLA की धारा 17 के तहत जब्ती और फ्रीजिंग समेत इस मामले में अब तक कुल 132.55 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है.
