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राजस्थान पंचायत चुनाव: भैराराम सियोल की मदेरणा परिवार को चुनौती, ‘ओसियां के…’


राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर गांव की सरकार बनाने की सियासी जंग तेज हो गई है. सभी राजनीतिक दल अपने-अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं. इस बीच ओसियां से भाजपा विधायक भैराराम सियोल ने कांग्रेस के मदेरणा परिवार को खुली चुनौती देकर जोधपुर जिले की सियासत में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है. 

सियोल ने कहा कि मदेरणा परिवार को हार का डर है, इसलिए इस बार जिला परिषद का चुनाव नहीं लड़ रहा है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि ओसियां में जिला परिषद के आठ वार्ड हैं, मदेरणा परिवार किसी एक वार्ड से भी चुनाव लड़कर दिखाए.

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जिला परिषद चुनाव में बदले राजनीतिक समीकरण

जोधपुर जिला परिषद के चुनावी मैदान में इस बार राजनीतिक तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है. जिला परिषद के पुनर्गठन और फलोदी के अलग जिला बनने के बाद जिले के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आया है. इसी बीच इस बार पंचायती राज चुनाव में मदेरणा परिवार की मां-बेटी जिला परिषद के किसी भी वार्ड से चुनाव नहीं लड़ रही हैं. ऐसे में पहली बार जिला परिषद के चुनावी मुकाबले में मदेरणा परिवार की गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं.

कांग्रेस में टिकट वितरण पर साधा निशाना

भाजपा विधायक भैराराम सियोल ने कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में टिकटों का वितरण सहमति से नहीं, बल्कि तौल-मोल के आधार पर किया जा रहा है. सियोल के मुताबिक, कांग्रेस में टिकटों को लेकर अंदरूनी खींचतान और विवाद की स्थिति है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ओसियां में कांग्रेस के कुछ प्रत्याशियों को उनकी इच्छा के विपरीत चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है.

भाजपा में सहमति से प्रत्याशी उतारने का दावा

सियोल ने दावा किया कि भाजपा ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति से मजबूत और जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. उन्होंने कहा कि ओसियां क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में एकतरफा माहौल बना हुआ है और पार्टी को चुनाव में इसका फायदा मिलेगा.

पूर्ण बहुमत से बोर्ड बनाने का दावा

भैराराम सियोल ने विश्वास जताया कि भाजपा जोधपुर जिला परिषद में पूर्ण बहुमत हासिल कर अपना बोर्ड बनाएगी. उनके इस बयान के बाद जिला परिषद चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.

अब देखना होगा कि मदेरणा परिवार को लेकर दी गई इस खुली चुनौती का कांग्रेस की ओर से क्या जवाब आता है और जिला परिषद चुनाव के नतीजे किस दल के पक्ष में जाते हैं. फिलहाल, जोधपुर की सियासत में मदेरणा परिवार की चुनावी गैरमौजूदगी और सियोल की चुनौती चर्चा का केंद्र बनी हुई है.

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