Pope Leo Lung Cancer Surgery Health: पोप लियो XIV इन दिनों लंग कैंसर से जूझ रहे हैं. मंगलवार को उनकी राइट लंग की एक लोब को सर्जरी के जरिए निकाल दिया गया. इसके बाद बुधवार को उनकी सेहत को लेकर वेटिकन की ओर से जानकारी दी गई कि उनकी रिकवरी सामान्य तरीके से हो रही है. सर्जरी के बाद किए गए ब्लड टेस्ट और चेस्ट एक्स-रे में भी स्थिति सामान्य पोस्ट-ऑपरेटिव कोर्स के मुताबिक पाई गई. वेटिकन के मुताबिक, जांच में सामने आए मानक इस तरह की सर्जरी के बाद दायरे में हैं.
पोप लियो के राइट लंग में एक नोड्यूलर लीजन मिली थी. डॉक्टरों के मुताबिक, इस तरह के कुछ लीज़न को सर्जरी के जरिए निकालकर ठीक किया जा सकता है. हालांकि, अभी वेटिकन ने यह जानकारी नहीं दी है कि पोप का कैंसर किस स्टेज पर है या शरीर के किसी दूसरे हिस्से में फैला है या नहीं. यही जानकारी आगे के इलाज और बीमारी के संभावित परिणाम को समझने में अहम होगी.
पोप लियो को कौन सा कैंसर है?
डॉक्टरों के मुताबिक, पोप लियो को लंग एडेनोकार्सिनोमा है. यह नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर का एक सामान्य प्रकार है. नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन कैनिंग थोरैसिक इंस्टीट्यूट के थोरैसिक सर्जन डॉ. कैल्विन लुंग ने बताया कि जब इस तरह के कैंसर का पता शुरुआती चरण में चल जाता है, तो इसका प्रोग्नोसिस आमतौर पर अच्छा होता है. पोप की जिस तरह की सर्जरी हुई है, वह भी लंग कैंसर के इलाज में आम तौर पर की जाती है. डॉक्टरों के मुताबिक, इस तरह की सर्जरी के बाद मरीज तेजी से रिकवर कर सकते हैं.
कैंसर किस स्टेज पर है, अभी साफ नहीं
पोप लियो के कैंसर की स्टेज के बारे में वेटिकन ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है. डॉक्टरों का कहना है कि संभव है कि डॉक्टरों को भी अभी कैंसर की पूरी स्टेज का पता न हो. हालांकि, अब तक जो जानकारी सामने आई है, उससे संकेत मिलता है कि बीमारी का पता शुरुआती चरण में चला हो सकता है.
डॉक्टरों के मुताबिक, अगर कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल गया होता, तो सर्जरी से पहले कीमोथेरेपी या इम्यूनोलॉजिकल थेरेपी जैसे इलाज की जरूरत पड़ सकती थी. लेकिन पोप की सीधे सर्जरी की गई और गांठ को निकाल दिया गया. इससे यह संकेत मिल सकता है कि डॉक्टरों को लगा कि बीमारी स्थानीय स्तर पर ही है और सर्जरी से इसे हटाया जा सकता है. अगर कैंसर सिर्फ उसी जगह तक सीमित है और सर्जरी के जरिए पूरी तरह निकाल दिया गया है, तो डॉक्टरों के मुताबिक आगे किसी और इलाज की जरूरत नहीं भी पड़ सकती है.

लिम्फ नोड में कैंसर पहुंचा है या नहीं, यह क्यों जरूरी है?
आगे की स्थिति समझने में लिम्फ नोड की जांच भी अहम होगी. अगर कैंसर लिम्फ नोड तक पहुंच चुका है, तो इससे बीमारी का प्रोग्नोसिस और आगे का इलाज बदल सकता है. डॉक्टरों ने बताया कि कई बार शुरुआती जांच में कैंसर सिर्फ राइट लंग तक सीमित दिखाई देता है, लेकिन बाद की जांच में लिम्फ नोड में भी कैंसर की मौजूदगी सामने आ सकती है.
इसके लिए सर्जरी के बाद कई तरह की जांच की जाती हैं. इनमें कैंसर की जेनेटिक बनावट और ऐसे खास मार्कर्स की जांच भी शामिल हो सकती है, जो यह बताते हैं कि कैंसर किन कारणों से बढ़ रहा है. इन्हीं जांचों के आधार पर आगे के इलाज का फैसला किया जा सकता है.
एक लंग की लोब निकलने के बाद कितनी दिक्कतें होंगी?
पोप लियो के मामले में राइट लंग का पूरा हिस्सा नहीं, बल्कि उसकी एक लोब को सर्जरी के जरिए हटाया गया है. डॉक्टरों के मुताबिक, इस तरह की सर्जरी के बाद रिकवरी में आमतौर पर कुछ हफ्ते लग सकते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि मरीज के पास सिर्फ एक ही लंग रह गया है, बल्कि राइट लंग का एक हिस्सा हटाया गया है. सर्जरी के बाद शुरुआती दिनों में दर्द या असहजता हो सकती है. डॉ. कैल्विन लुंग के मुताबिक, यह दर्द पहले कुछ दिनों से लेकर शुरुआती एक-दो हफ्तों तक रह सकता है. हालांकि, डॉक्टरों का मानना है कि पोप लगभग तीन से चार हफ्तों में अपनी सामान्य एक्टिविटी की ओर लौट सकते हैं. इसमें थोड़ा ज्यादा समय भी लग सकता है, लेकिन उनके ठीक होने की उम्मीद जताई गई है.
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पोप की रिकवरी कैसी चल रही है?
वेटिकन के मुताबिक, पोप लियो की रिकवरी उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ रही है. उन्होंने रेस्पिरेटरी फिजियोथेरेपी शुरू कर दी है और अपने कमरे में चलना भी शुरू कर दिया है. उन्होंने सामान्य डाइट लेना भी शुरू कर दिया है और नाश्ता व दोपहर का खाना खाया है. वेटिकन के अनुसार, पोप को अस्पताल में करीब एक सप्ताह रहने की उम्मीद है. डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की सर्जरी के बाद पूरी तरह सामान्य गतिविधियों में लौटने में कुछ सप्ताह लग सकते हैं. मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर के थोरैसिक सर्जरी प्रमुख डॉ. डेविड जोन्स ने भी अनुमान जताया कि पोप करीब तीन से चार सप्ताह में अपनी सामान्य गतिविधियों में लौट सकते हैं, हालांकि शुरुआत में उनकी रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है.
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