पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा है कि दिल्ली पुलिस क्या कर रही है? अभिजीत दीपके को सिर्फ इसलिए हिरासत में लिया गया है, क्योंकि उन्होंने भारतीय तिरंगा थाम रखा था. जरा सोचिए, आजाद भारत में हमारे युवाओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण तरीके से इस्तेमाल करने के लिए हिरासत में लिया जा रहा है.
बनर्जी ने कहा कि यह एक अघोषित आपातकाल से कम नहीं है. जो सरकार असहमति से डरती है, वह अब पूरी एक पीढ़ी को डरा-धमकाकर चुप कराने की कोशिश कर रही है. यह एक ऐसी फासीवादी व्यवस्था का रवैया है, जो अपनी मर्जी से न चलने वाली किसी भी आवाज को बर्दाश्त नहीं कर सकती.
आप पूरी पीढ़ी को चुप नहीं करा सकते: अभिजीत दीपके
ममता ने कहा कि अभिजीत, आशुतोष, सौरव, आप भारत के युवाओं के साहस, जमीर और सपनों का प्रतिनिधित्व करते हैं. किसी की आवाज दबाकर आप पूरी एक पीढ़ी को चुप नहीं करा सकते. आपकी दीदी पूरी मजबूती से आपके साथ खड़ी हैं. कोई भी धमकी, कोई भी हिरासत या सत्ता का कोई भी दुरुपयोग लोकतंत्र की भावना को कुचल नहीं सकता. जागो, भारत! लोकतंत्र, आजादी और असहमति जताने के अधिकार की यह लड़ाई जारी रहेगी.
सीजेपी ने प्रेस रिलीज में क्या बताया?
वहीं, ममता बनर्जी की गिरफ्तारी के बाद अभिजीत दीपके ने एक प्रेस रिलीज जारी की है. इसमें बताया है कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके को आज दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क पहुंचने से पहले ही एहतियातन हिरासत में लिया. दीपके राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहे थे. यह कार्रवाई उस समय हुई, जब अभिजीत दीपके एनसीपी-एससीपी के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास के बाहर अकेले पैदल जा रहे थे. इस दौरान उनके साथ न कोई भीड़ थी और न ही किसी तरह का प्रदर्शन किया जा रहा था.
