- बिजली खपत घटाने को, सही टेक्नोलॉजी वाला हीटर चुनें।
- छोटे कमरों हेतु क्वार्ट्ज/हैलोजन हीटर न्यूनतम बिजली लेते।
- पूरे कमरे हेतु सिरेमिक/कार्बन हीटर ऊर्जा बचत में प्रभावी हैं।
- रातभर चलाने को ऑयल रेडिएटर बेहतर, थर्मोस्टेट से बचत।
अक्टूबर का आधा महीना निकल चुका है. सुबह और शाम के वक्त हवा में गुलाबी ठंडक महसूस की जा सकती है. यह वह समय होता है जब घरों में रजाई-कंबल और रूम हीटर निकालने की तैयारी शुरू हो जाती है. क्योंकि अब कुछ ही महीनों के समय में शीतलहर शुरू हो जाएगी. और कड़ाके की सर्दियों में बिना रूम हीटर के ठंड नहीं निकलती है. लेकिन रूम हीटर का इस्तेमाल करने के बाद बिजली बिल भी बढ़-चढ़कर आता है.
ज्यादातर लोग बाजार से सस्ते और नार्मल ब्लोअर वाले हीटर खरीद लाते हैं. जो कि आमतौर पर 2000 वॉट पर चलते हैं जो सिर्फ एक घंटा चलाने पर ही आपकी दो यूनिट बिजली खा जाते हैं. अगर आप इसे रोजाना 5 से 6 घंटे चलाते हैं. तो महीने भर में सिर्फ हीटर की वजह से 3 से 4 हजार रुपये का एक्स्ट्रा बिल आ सकता है. लेकिन अगर आप खरीदारी करते वक्त सही टेक्नोलॉजी वाला रूम हीटर चुनें तो बिजली का बिल बचा सकते हैं.
क्वार्ट्ज और हैलोजन हीटर
अगर आपका कमरा छोटा है ज्यादा बड़ा नहीं है और आप सबसे कम बिजली खर्च होने वाला ऑप्शन ढूंढ रहे हैं. तो क्वार्ट्ज या हैलोजन रॉड हीटर सबसे बढ़िया साबित होते हैं. इन हीटर्स की सबसे बड़ी खासियत इनका कम वॉट पर काम करना है. आमतौर पर इनमें 400-400 वॉट की दो हीटिंग रॉड लगी होती हैं यानी पूरा हीटर कुल 800 वॉट का होता है.
अगर आप नार्मल ठंड में इसकी सिर्फ एक रॉड जलाकर रखते हैं. तो यह ढाई घंटे लगातार चलने पर सिर्फ एक यूनिट बिजली खर्च करता है. वहीं दोनों रॉड एक साथ चलाने पर भी यह एक घंटे में एक यूनिट से कम बिजली ही लेता है. यह हीटर पूरे कमरे की हवा को गर्म करने में बिजली बर्बाद करने के बजाय सीधे आपके आसपास के हिस्से को तुरंत गर्म करता है.
PTC सिरेमिक और कार्बन हीटर
अगर आपको रॉड वाले हीटर की तेज रोशनी पसंद नहीं है और आप पूरे कमरे को बराबर गर्म रखना चाहते हैं. तो नार्मल कॉइल ब्लोअर की जगह PTC सिरेमिक और कार्बन फाइबर हीटर चुन सकते है. पुराने कॉइल वाले फैन हीटर जब तक चलते हैं तभी तक गर्मी देते हैं और बंद करते ही कमरा तुरंत ठंडा हो जाता है. वहीं सिरेमिक हीटर में सिरेमिक प्लेट्स लगी होती हैं.
जो बहुत तेजी से गर्म होती हैं और बिजली बंद होने के बाद भी काफी देर तक गर्माहट छोड़ती रहती हैं. यह हीटर सेल्फ-रेगुलेटिंग टेक्नालाॅजी पर काम करते हैं यानी जैसे ही कमरा गर्म होता है यह अपने आप बिजली की खपत कम कर देते हैं. वहीं कार्बन फाइबर हीटर भी नार्मल हीटर के मुकाबले करीब 30 से 40 फीसदी तक कम बिजली खाते हैं और कमरे की हवा में नमी को भी बनाए रखते हैं.

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रातभर चलाने के लिए यह हीटर बढ़िया
जिन घरों में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं और जहां रातभर हीटर चलाने की जरूरत पड़ती है. वहां ऑयल फिल्ड रेडिएटर यानी OFR हीटर सबसे ज्यादा बिजली बचाता है. सुनने में यह ज्यादा वॉट का लगता है लेकिन यह लगातार बिजली नहीं खींचता. इसके अंदर खास थर्मल ऑयल भरा होता है. एक बार तेल गर्म होने और कमरे का तापमान सेट होने के बाद इसका ऑटोमैटिक थर्मोस्टेट बिजली की सप्लाई कट कर देता है.
इसके बाद बिना एक भी यूनिट बिजली खर्च किए इसके गर्म फिन्स घंटों तक कमरे को गर्म रखते हैं. आप कोई भी हीटर खरीदें उसमें एडजस्टेबल थर्मोस्टेट, इको मोड और टाइमर फीचर जरूर देखें. थर्मोस्टेट वाला हीटर कमरा गर्म होते ही खुद बंद हो जाता है. इस एक फीचर की मदद से आप हर महीने अपने बिजली बिल में आसानी से 50 फीसदी तक की बचत कर सकते हैं.
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