मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक सड़क हादसे के बाद सियासी माहौल गरमा गया है. पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने खुले मंच से करैरा के एसपी और एसडीओपी को लेकर कड़ी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर अब चर्चा तेज हो गई है.
जानकारी के मुताबिक, विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने शुक्रवार (17 अप्रैल) को तेज रफ्तार में थार गाड़ी चलाते हुए बाइक सवार 3 युवकों और स्कूल जा रही दो छात्राओं को टक्कर मार दी. इस हादसे में सभी लोग घायल हो गए, हालांकि किसी की जान नहीं गई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली.
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
हादसे के बाद विधायक प्रीतम लोधी पुलिस की कार्रवाई से नाराज नजर आए. उन्होंने सीधे तौर पर एसपी और एसडीओपी से सवाल करते हुए कहा कि आखिर वे किसके आदेश पर कार्रवाई कर रहे हैं. उन्होंने यह तक पूछ लिया कि क्या उन्हें प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या किसी अन्य बड़े नेता का निर्देश मिला है.
15 दिन का अल्टीमेटम
विधायक ने पुलिस अधिकारियों को 15 दिन का समय देते हुए कहा कि इस अवधि में उन्हें जवाब देना होगा. उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर जवाब नहीं मिला, तो वे खुद करैरा पहुंचेंगे और बड़ा विरोध करेंगे.
सबसे ज्यादा विवादित बयान में विधायक ने कहा कि वे 10 हजार लोगों को लेकर एसडीओपी के घर पहुंचेंगे और उनके बंगले को गोबर से भरवा देंगे. यही नहीं, उन्होंने अपने प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि “मेरा मुक्का पहले ढाई किलो का था, अब ढाई सौ किलो का हो गया है”, जिससे साफ है कि वे अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे थे.
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विधायक का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ लोग इसे सत्ता का दबाव बता रहे हैं, तो कुछ इसे कानून व्यवस्था के लिए चुनौती मान रहे हैं.
इस पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साध सकता है. अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन और सरकार इस मामले पर क्या कदम उठाते हैं.
