कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट पैलेस पर तिरंगा मार्च का ऐलान किया. हालांकि पुलिस ने मार्च से पहले ही अभिजीत दीपके को डिटेन कर लिया. अब इस रैली पर शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट की ओर से बड़ा दावा किया जा रहा है.
शिवसेना नेता संजय निरुपम अभिजीत दीपके पर दावा करते हुए कहा, “सीजेपी और लेफ्ट पार्टियों के नेताओं की तरफ से जो तिरंगा रैली की घोषणा की गई थी वह महज एक बहाना थी. उनको देश में अराजकता पैदा करनी है. उनको देश के कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ानी हैं और इसलिए वह रोज नए-नए नाम से आंदोलन करना चाहते हैं.”
‘तिरंगे की आड़ में उत्पात मचाने का इरादा था’
संजय निरुपम ने आगे कहा, “यह जो सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके हैं यह खुद कोर्ट में अपनी जमानत लेते हुए हलफनामा दे चुके हैं कि आने वाले एक साल तक वह ऐसी कोई हरकत नहीं करेंगे जिससे शांति खराब हो. अब वो दिल्ली के कनॉट पैलेस में जिस तरीके से उन्होंने जो झंडा लहराने की अपील की वो तिरंगा एक बहाना था उसकी आड़ में वहां उत्पात मचाने का इरादा था.”
शिवसेना नेता का कहना है कि इसलिए दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की. ऐसे हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो देश में अराजकता पैदा करना चाहते हैं. देश जिस तरीके से प्रगति के रास्ते पर चल रहा है उस प्रगति को जो प्रभावित करना चाहता है या अराजकता पैदा करना चाह रहा है तो उसको नहीं बख्शा जाना चाहिए.
राहुल गांधी को लेकर क्या बोले संजय निरुपम?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने राहुल गांधी को लेकर, “हमारी पार्टी के प्रमुख नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बिल्कुल सही कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता जैसे जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद राहुल गांधी हर रोज दिल्ली की सड़कों पर अराजकत पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. वे बिना किसी सबूत के संवैधानिक संस्थाओं पर लांछन लगा रहे हैं, चाहे वह सर्वोच्च न्यायालय हो, चुनाव आयोग हो या प्रधानमंत्री कार्यालय.” उन्होंने आगे कहा, “यह कम से कम नेता प्रतिपक्ष को ऐसा करना शोभा नहीं देता.”
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