लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में 10 दिन बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर लखनऊ पुलिस पर अब उच्च अफसरों ने कार्रवाई तेज कर दी है. कमिश्नर ने पहले हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया फिर देर रात डीसीपी को भी जोन से हटा दिया.
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है. वहीं, फरार मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है.
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वायरल इंटरव्यू के बाद भी नहीं पकड़ सकी पुलिस
हत्याकांड के तीनों आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. रविवार शाम श्रद्धा दुबे का एक एजेंसी को दिया गया इंटरव्यू वायरल हुआ. इससे उसके लखनऊ में होने की जानकारी सामने आई. इसके बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी. इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बीच देर रात डीसीपी मध्य को हटाने का फैसला लिया गया.
नेपाल बॉर्डर से पश्चिमी यूपी तक दबिश
आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें नेपाल सीमा से सटे जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न जनपदों में दबिश दे रही हैं. फरार ड्राइवर दानिश की ओर से कोर्ट में सरेंडर के लिए अर्जी भी दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है. पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
श्रद्धा के घर पर सहारनपुर कोर्ट का नोटिस
श्रद्धा दुबे के लखनऊ स्थित घर पर सहारनपुर की अदालत का नोटिस चस्पा किया गया है. यह नोटिस एक कार को रिलीज कराने के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र से जुड़ा है. न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, सहारनपुर में डॉ. प्रभात वर्मा ने कार रिलीज कराने के लिए अर्जी दी है.
नोटिस के मुताबिक, मामला सहारनपुर साइबर क्राइम थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 83/2024 से संबंधित है. अदालत ने कार रिलीज कराने की अर्जी पर सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है. नोटिस में संबंधित पक्ष को अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है.
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