नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने घोषणा की है कि जम्मू-कश्मीर मंत्रिपरिषद का लंबे समय से प्रतीक्षित विस्तार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के लौटने पर होगा. साथ ही, उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना भी की.
एक जनसभा को संबोधित करते हुए फारूक ने कहा, “हमारे साथ धोखा हुआ है. अनुच्छेद 370 को हटाने पर फैसला सुनाते समय सुप्रीम कोर्ट को अपने ही उन पुराने फैसलों को याद रखना चाहिए था, जिनमें उसने अनुच्छेद 370 को एक ‘स्थायी प्रावधान’ बताया था. इसके अलावा, हमसे चुनाव के बाद राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) बहाल करने का वादा किया गया था, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं किया जा रहा है.”
‘एलजी के आने पर होगा कैबिनेट एक्सपेंशन’
दरअसल, सोमवार को बडगाम जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, अब्दुल्ला ने बताया कि मंत्रिपरिषद के विस्तार में देरी इसलिए हुई क्योंकि उपराज्यपाल अस्वस्थ थे और घाटी से बाहर थे. अब्दुल्ला ने कहा, “जब उपराज्यपाल वापस आएंगे, तो सरकार का विस्तार किया जाएगा.” उन्होंने बताया कि नए मंत्रियों को पद की शपथ उपराज्यपाल ही दिलाएंगे.
मंत्रिमंडल में फेरबदल का ब्लू प्रिंट तैयार
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने 16 अक्टूबर, 2026 को अपने कार्यकाल के दो साल पूरे कर लिए हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस की आंतरिक समितियों ने सर्वसम्मति से मंत्रिमंडल में फेरबदल और नए मंत्रियों की सूची का अंतिम खाका (ब्लूप्रिंट) फारूक अब्दुल्ला को सौंप दिया है, ताकि वे इसे अंतिम मंजूरी दे सकें.
कश्मीरी बस पर हमले पर क्या कहा?
वहीं हाल ही में हरियाणा में जम्मू-कश्मीर जा रही बसों पर हुए हमलों के सिलसिले में डॉ. फारूक ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ ही, उन्होंने हमलों में हुए नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग की है.
‘केंद्र से घटना पर संज्ञान लेने का आग्रह किया’
उन्होंने कहा, “कुछ उपद्रवी देश में शांति भंग करने और अफरा-तफरी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. इस मामले पर प्रशासन को तुरंत ध्यान देने की जरूरत है.” फारूक अब्दुल्ला ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री उमर ने केंद्र सरकार से इस घटना का संज्ञान लेने का आग्रह किया है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात बिगड़ सकते हैं.
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