How Many Whistles To Boil Potatoes In Pressure Cooker: आलू उबालना देखने में जितना आसान लगता है, उतना ही इसमें सही समय का ध्यान रखना जरूरी है. खासकर प्रेशर कुकर में आलू बनाते समय सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि आखिर कितनी सीटी लगाई जाएं. कम सीटी में आलू अंदर से कच्चे रह सकते हैं, जबकि ज्यादा सीटी में वे जरूरत से ज्यादा गलकर टूटने लगते हैं. इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आलू अच्छी तरह उबलें और उनका आकार भी बना रहे, तो सीटी की सही गिनती जानना काम की बात है.
भारतीय घरों में प्रेशर कुकर की सीटी से खाना पकने का अंदाजा लगाने का तरीका काफी आम है. दाल से लेकर चावल और सब्जियों तक, कितनी सीटी लगानी हैं, इसका अंदाजा अक्सर घर के बड़े लोगों से ही सीखने को मिलता है. लेकिन हर चीज के लिए सीटी की संख्या एक जैसी नहीं होती. खाने की मात्रा, पानी, आंच और कुकर के प्रकार के हिसाब से समय थोड़ा बदल सकता है.
आलू के लिए कितनी सीटी जरूरी?
अगर मध्यम आकार के पूरे आलू प्रेशर कुकर में उबाल रहे हैं, तो आमतौर पर 3 से 4 सीटी पर्याप्त मानी जाती हैं. इसके बाद कुकर का दबाव अपने आप निकलने दें. इससे आलू अच्छी तरह नरम हो जाते हैं और उन्हें आसानी से मैश या इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि सिर्फ सीटी गिनना ही काफी नहीं है. गैस की आंच भी महत्वपूर्ण होती है. तेज आंच पर कुकर जल्दी दबाव बनाता है, जबकि मध्यम आंच पर प्रक्रिया थोड़ी धीमी होती है. इसलिए एक ही संख्या की सीटी अलग-अलग कुकर और आंच पर थोड़ा अलग परिणाम दे सकती है.
सीटी की गिनती कब से शुरू करें?
प्रेशर कुकर में खाना रखने के बाद तुरंत सीटी गिनना शुरू नहीं करना चाहिए. पहले कुकर के अंदर पर्याप्त दबाव बनने दें. जब पहली सीटी आए, उसके बाद सीटी की गिनती करना ज्यादा आसान रहता है. आमतौर पर पहली सीटी के बाद आंच को मध्यम कर देना बेहतर माना जाता है.
आलू के आकार का भी पड़ता है असर
आलू छोटे हैं या बड़े, इससे भी उबलने का समय बदल सकता है. छोटे या मध्यम आकार के आलू जल्दी पक जाते हैं, जबकि बड़े और पूरे आलू को अंदर तक नरम होने में ज्यादा समय लग सकता है. अगर आलू बहुत बड़े हैं, तो उन्हें आधा काटकर भी उबाला जा सकता है. यह भी ध्यान रखें कि आलू की मात्रा बढ़ने पर कुकर में पानी और पकने का समय भी बदल सकता है. इसलिए हर बार बिल्कुल एक ही संख्या की सीटी को अंतिम नियम मानना सही नहीं होगा.

कुकर में कितनी चीजें कितनी सीटी में पकती हैं?
प्रेशर कुकर में अलग-अलग खाद्य पदार्थों के लिए सीटी की संख्या अलग होती है. सामान्य सफेद चावल को मध्यम आंच पर करीब 2 से 3 सीटी लग सकती हैं. भीगी हुई दाल को 2 से 3 सीटी में पकाया जा सकता है, जबकि बिना भिगोई दाल को पूरी तरह गलाने के लिए करीब 3 से 4 सीटी लग सकती हैं. राजमा और चने जैसे खाद्य पदार्थों को पहले से भिगोने पर उनका पकने का समय कम हो सकता है. भीगे हुए राजमा और चने के लिए करीब 4 से 5 सीटी का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं खिचड़ी के लिए आमतौर पर 2 से 3 सीटी पर्याप्त होती हैं. यानी सिर्फ सीटी की संख्या याद रखने के बजाय यह समझना जरूरी है कि किस चीज को कितनी देर और किस आंच पर पकाना है.
पानी और मात्रा का भी रखें ध्यान
कुकर में खाना पकाते समय पानी की मात्रा भी रिजल्ट को प्रभावित करती है. बहुत कम पानी होने पर खाना ठीक से नहीं पक सकता, जबकि जरूरत से ज्यादा पानी कुछ चीजों की बनावट को बदल सकता है. आलू उबालते समय इतना पानी होना चाहिए कि वे अच्छी तरह पक सकें. अगर कुकर में बहुत ज्यादा आलू भर दिए गए हैं, तो सभी आलू एक समान नहीं पक सकते. इसलिए कुकर को जरूरत से ज्यादा भरने से बचना चाहिए.
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प्रेशर कुकर इस्तेमाल करते समय ये सावधानी जरूरी
प्रेशर कुकर में खाना बनाते समय सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है. कुकर को उसकी क्षमता से दो-तिहाई से ज्यादा नहीं भरना चाहिए. खासकर दाल जैसी चीजें पकाते समय यह सावधानी और जरूरी हो जाती है, क्योंकि वे पकने के दौरान फूलती हैं. कुकर की रबर की रिंग और भाप निकलने वाली नली को भी समय-समय पर जांचते रहना चाहिए. इस्तेमाल से पहले यह देख लें कि भाप निकलने वाली जगह किसी खाने के कण से बंद न हो. कुकर का दबाव पूरी तरह निकलने के बाद ही ढक्कन खोलें.
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