कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत के खिलाफ अभिजीत दीपके आक्रामक हैं. उन्हें शिवसेना (यूबीटी) के चीफ उद्धव ठाकरे का समर्थन मिला है. उद्धव ने मंगलवार को दशहरा रैली में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हाथ में झंडा लिया तो उन्हें अंदर कर दिया. तिरंगा को लेकर उनका द्वेष है.
इसके लिए दीपके ने एक्स पोस्ट कर धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा, ”आशु और सौरव की अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उद्धव ठाकरे सर, आपका धन्यवाद.”
आशू आणि सौरव यांच्या बेकायदेशीर अटकेविरोधात आवाज उठवल्याबद्दल उद्धव ठाकरे सर, आपले मनापासून आभार! Thank you Uddhav Thackeray sir for speaking out against the illegal arrest of Ashu and Saurav. https://t.co/HXekqRR1MA
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 21, 2026
रांका और दास के समर्थन में टीएमसी की अध्यक्ष ममता बनर्जी, आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल और बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक ने भी बयान दिए हैं.
13 अक्टूबर को सौरव दास और आशुतोष रांका CJP के 11 अन्य सदस्यों के साथ जंतर मंतर में दाखिल हो गए थे. इस दौरान उनके हाथों में तिरंगा था. प्रोटेस्ट की वजह से पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
हाई कोर्ट पहुंची सीजेपी
शांति भंग करने के आरोप में मजिस्ट्रेट ने 14 अक्टूबर को दास और रंका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. सोमवार को उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई.
इसके खिलाफ सीजेपी हाई कोर्ट पहुंची है और तत्काल सुनवाई की मांग कर रही है. CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा कि सौरव और आशुतोष को एक मिनट भी जेल में नहीं रहना चाहिए. राजनीतिक खेल-तमाशों की वजह से उनकी आजादी छीनी नहीं जानी चाहिए.
दिल्ली हाई कोर्ट आज तत्काल सुनवाई करने के लिए सहमत हो गया है. आज ही सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत खत्म हो रही है.
दीपके ने 19 अक्टूबर ने कहा कि आशु और सौरव का पहला अपराध जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना था. उनका दूसरा अपराध? पीछे हटने से इनकार करना. जेल में पांच दिन बिताने के बाद भी, वे चेहरे पर मुस्कान लिए और पूरे हौसले के साथ अदालत पहुंचे.
