गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 के विधान परिषद चुनाव को शुचितापूर्वक संपन्न कराने के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना हो गई हैं. गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन विधान परिषद चुनाव में 17 जिलों के 54,303 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. गोरखपुर जनपद के 18 बूथों पर शिक्षक मतदाता 7,289 मतदाता प्रत्याशियों का भविष्य मतपेटी में कैद करेंगे. मतदाताओं के लिहाज से आजमगढ़ पहला और गोरखपुर दूसरा सबसे बड़ा जनपद है.
गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 चुनाव 23 अक्टूबर (शुक्रवार) को होगा. सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन में 17 जिलों के 54,303 शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. गोरखपुर में 18 बूथों पर 7,289 शिक्षक मतदाता हैं.
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गोरखपुर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि 22 अक्टूबर (गुरुवार) को सभी पोलिंग पार्टियां रवाना हो गई हैं. 23 अक्टूबर को चुनाव होना है. गोरखपुर में 18 बूथ हैं. हमारे सभी बूथ पर सेक्टर मजिस्ट्रेट, एसडीएम तैनात हैं. सभी पार्टियों को टाइमली ट्रेनिंग हो गई. सभी जगह पर पर्याप्त फोर्सज और मजिस्ट्रेट की तैनाती है. सभी लोग अच्छे वातावरण में जाकर वोट डाल सकेंगे. उन्हें उम्मीद है कि शांति और शुचितापूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न होगा.
27 अक्टूबर को होगी काउंटिंग
गोरखपुर क्षेत्र में 17 जिले पड़ते हैं. बाकी जनपदों से भी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में जो स्ट्रांग रूम बनाया गया है, मतदाता पेटी यहां पर ले आयेंगे. 27 अक्टूबर (मंगलवार) को गोरखपुर विश्वविद्यालय में ही काउंटिंग होगी. सभी जगह पर फोर्सज की तैनाती की गई है. जो पोलिंग पार्टी है, उनके साथ भी फोर्स लगी है. शिक्षक-स्नातक का चुनाव है, तो सभी शिक्षक जो होते हैं, डिसिप्लिन में रहते हैं. इस तरह की कोई प्रॉब्लम उत्पन्न नहीं होने वाली है.
सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के लिए 56 वाहन रिजर्व
गोरखपुर जनपद में मतदान कराने के लिए गुरुवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय परिसर से 18 पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया. जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी दीपक मीणा की निगरानी में पोलिंग पार्टियों को मतपत्र, बैलेट बॉक्स और अन्य आवश्यक निर्वाचन सामग्री उपलब्ध कराई गई. इसके साथ ही मतदान के दौरान निगरानी और अधिकारियों की आवाजाही के लिए विश्वविद्यालय परिसर में सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा जोनल मजिस्ट्रेट के लिए 56 वाहन रिजर्व रखे गए हैं.
सामग्री के साथ पोलिंग पार्टियां रवाना
पोलिंग पार्टियों को मतपत्र, मतपेटिका (बैलेट बॉक्स) और मतदान से संबंधित अन्य जरूरी सामग्री के साथ रवाना किया गया. मतदान केंद्रों पर पहुंचने के बाद पीठासीन अधिकारी और मतदान कर्मी उपलब्ध कराई गई सामग्री का मिलान करेंगे. मतदाता सूची, मतदान से जुड़े आवश्यक प्रपत्र, पीठासीन अधिकारी की डायरी, मतपत्रों का लेखा-जोखा रखने वाले दस्तावेज, सील, टैग, लिफाफे और स्टेशनरी जैसी सामग्री का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा. वास्तविक सामग्री निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आधिकारिक सूची के अनुरूप होगी.
मत पत्र और मतपेटिका के माध्यम से मतदान होगा संपन्न
शिक्षक एमएलसी चुनाव में ईवीएम के बजाय मतपत्र और मतपेटिका के माध्यम से मतदान कराया जाता है. मतदान शुरू होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतपेटिका की जांच और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. मतदान के दौरान मतदाता की पहचान, मतपत्र जारी करने, मतपत्रों का हिसाब रखने और मतदान की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. मतदान समाप्त होने के बाद मतपत्रों तथा निर्वाचन संबंधी अभिलेखों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित कर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में जमा कराया जाएगा.
सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
मतदान के दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी. इन्हें मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं की निगरानी करने, मतदान प्रक्रिया का निरीक्षण करने और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है.
लॉ एंड ऑर्डर के साथ शुचितापूर्ण चुनाव का लक्ष्य
मतदान के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी प्रशासन सतर्क है. मतदान केंद्रों पर निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत निगरानी रखी जाएगी, ताकि शिक्षक मतदाता निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें. मतदान केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ रोकने, मतदान की गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति में समय से कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है.
विश्वविद्यालय परिसर में पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव भी निगरानी में जुटे रहे. निर्वाचन कार्य में लगे वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने और परिसर के आसपास यातायात का दबाव नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं. मतदान के दिन भी यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी.
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान है प्राथमिकता
जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा की निगरानी में जनपद में मतदान की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है. अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों के साथ प्रशासन शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए तैयार है.
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