राजस्थान पंचायती राज चुनाव के दूसरा चरण का मतदान बुधवार को होगा, जिसमें 22 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान कराया जाएगा. बीजेपी और कांग्रेस एक कड़े मुकाबले की तैयारी कर रही हैं, जबकि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) भी ग्रामीण राजस्थान में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं.
मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा, जिसके लिए चुनाव अधिकारियों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. दूसरे चरण में जिला परिषदों और पंचायत समितियों के कुल 2,453 वार्डों के लिए 8,257 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इनमें से 984 उम्मीदवार 275 जिला परिषद वार्डों के लिए, जबकि 7,273 उम्मीदवार 2,178 पंचायत समिति वार्डों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं.
किन-किन जिलों में मतदान?
जिन 22 जिलों में मतदान होना है, उनमें अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, दौसा, डूंगरपुर, जयपुर, जालौर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, पाली, राजसमंद, सीकर, सिरोही और उदयपुर शामिल हैं.जयपुर जिले में आमेर, जालसू, रामपुरा डाबरी, शाहपुरा और अमरसर पंचायत समितियों में मतदान होगा, जिसमें 81 पंचायत समिति वार्ड और 112 ग्राम पंचायतें शामिल हैं.
दूसरे फेज के लिए बनाए गए 413 मतदान केंद्र
कुल 413 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 3,78,364 मतदाता अपने वोट डाल सकेंगे. इनमें 1,97,323 पुरुष, 1,81,040 महिलाएं और ‘अन्य’ श्रेणी का एक मतदाता शामिल है. जयपुर जिला परिषद के 11 से 14 और 51 से 57 नंबर वाले वार्डों के लिए भी चुनाव होंगे. चुनाव प्रक्रिया के अगले चरण में सरपंच और पंच के पदों के लिए चुनाव होगा. इन पदों के लिए नामांकन 29 अक्टूबर को भरे जाएंगे और इसके बाद 30 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा.
उप-सरपंच पद के लिए 31 अक्टूबर को चुनाव
मतदान के बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर वोटों की गिनती की जाएगी. उप-सरपंच पद के लिए चुनाव 31 अक्टूबर को होने हैं. दूसरा चरण उन राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ी परीक्षा है जो जमीनी स्तर पर अपना समर्थन मजबूत करना चाहते हैं. इस मुकाबले में ग्रामीण विकास, स्थानीय शासन और जन सेवाएं अहम मुद्दे बने रहने की संभावना है.
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