रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को लेकर सियासी गहमागहमी तेज है. इस बीच झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मंगलवार को कहा कि राज्य से पार्टी के हजारों कार्यकर्ता और नेता एक नवंबर को नयी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘दिल्ली चलो’ रैली में हिस्सा लेंगे. पार्टी ने इसे ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अपना अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन बताया है.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित इस रैली में देशभर से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के सदस्य भी शामिल होंगे.
रामलीला मैदान में कांग्रेस की ऐतिहासिक रैली होगी- केशव महतो
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐतिहासिक रैली होगी.’’ उन्होंने BJP पर लोगों के मतदान अधिकार को छीनने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. कमलेश ने आरोप लगाया, ‘‘मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर साजिश के तहत पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. बिहार और पश्चिम बंगाल में लाखों पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए.’’
रैली का मकसद ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग- केशव महतो
उन्होंने आगे कहा कि रैली का उद्देश्य मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जाने के मुद्दे पर सरकार पर दबाव बढ़ाना और एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना है. इससे पहले, 12 अक्टूबर को ‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर विरोध प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था.
विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं, कार्यकर्ताओं और नागरिक संगठन के सदस्यों ने बड़ी संख्या में एकजुट होकर ‘लोकतंत्र मार्च’ निकाला था. इस दौरान उन्हें रास्ते में लगाए गए अवरोधकों का सामना करना पड़ा, इसके बावजूद उन्होने एसआईआर के खिलाफ संयुक्त याचिका दायर की थी.
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