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इजरायल चुनाव के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, उनके साथ से नेतन्याहू को हुआ फायदा


इजरायल में मतदान पूरा हो चुका है. इसके बाद इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि अगली संसद में उनकी पार्टी लिकुड सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी. हालांकि, एग्जिट पोल के नतीजों में अरब-नेतृत्व वाली पार्टियां किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है. एग्जिट पोल के मुताबिक नेतन्याहू का गुट और उनके विरोधी लगभग बराबरी पर हैं. 

इजरायल में एग्जिट पोल के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इर्विंग सी. श्वार्ट्ज़ नाम के शख्स के दावे को पोस्ट किया है, जिसमें नेतन्याहू को ट्रंप की तरफ से समर्थन मिलने की बात लिखी हुई है. 

पोस्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रप ने बीबी नेतन्याहू का समर्थन किया. इससे पूरी स्थिति ही बदल गई . अब एक महान प्रधानमंत्री की करारी हार के बजाय, ऐसा लग रहा है कि नेतन्याहू ने पीछे रहने के बावजूद एक बराबरी की स्थिति हासिल कर ली है. यह सब राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थन के बाद हुआ मिडिल ईस्ट, इजरायल और अमेरिका के भले के लिए काम करना चाहते हैं.

एग्जिट पोल के नतीजे चौंकाने वाले

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली मतदाताओं ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मौजूदा दक्षिणपंथी गठबंधन को झटका दिया है.  एग्जिट पोल के अनुसार, नेतन्याहू का गठबंधन नेसेट में बहुमत हासिल करने से काफी पीछे रह गया है.  वहीं, नेतन्याहू-विरोधी विपक्षी दलों के पास भी इतनी सीटें नहीं हैं कि वे कोई सरकार बना सकें.

इजरायल के 3  प्रमुख नेटवर्कों चैनल 11, चैनल 12 और चैनल 13 के शुरुआती एग्जिट पोल में दिखाया गया कि नेतन्याहू समर्थक गुट को अगली संसद में केवल 50 सीटें मिल रही हैं, जबकि यहूदी-नेतृत्व वाले विपक्षी दलों को 52 सीटें मिल रही हैं. 120 सदस्यों वाली संसद में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है, और दोनों ही गुट इस आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए हैं.

हालांकि, मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात इन एग्जिट पोल के आंकड़ों में बदलाव हुआ और स्थिति नेतन्याहू के पक्ष में झुकी. चैनल 12 के अनुसार, नेतन्याहू के गठबंधन को 52 सीटें मिल रही हैं, जबकि यहूदी-नेतृत्व वाले गुट को 49 सीटें मिल रही हैं.



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