कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली पार्टी की रैली को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस रैली की तुलना 1979 में तत्कालीन चरण सिंह सरकार के खिलाफ हुई कांग्रेस की ‘भारत बचाओ रैली’ से की है. गहलोत ने कहा कि ‘भारत बचाओ रैली’ के बाद तत्कालीन सरकार गिर गई थी.
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ”साल 1980 में नए चुनाव होने पर इंदिरा गांधी ने प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी. एक नवंबर 2026 को होने वाली रैली भी 1979 की रैली की तरह ही है. फर्क सिर्फ इतना है कि उस वक्त की रैली को ‘भारत बचाओ’ का नाम दिया गया था जबकि इस बार की रैली ‘लोकतंत्र बचाओ’ के नाम से आयोजित की जा रही है.
मौजूदा सरकार रिजीम चेंज का भ्रम फैला रही- अशोक गहलोत
उन्होंने यह भी साफ किया कि लोकतंत्र में सरकारें चुनाव से ही बदलती हैं. अशोक गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा, ”मौजूदा सरकार रिजीम चेंज का भ्रम फैला रही है. इस तरह की बात कहकर लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है. चुनाव आयोग केंद्र सरकार का डिपार्टमेंट बन कर रह गया है.”
यह देश को बचाने की रैली है- अशोक गहलोत
दिल्ली में आयोजित रैली को लेकर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने आगे कहा, ”यह कांग्रेस पार्टी और विपक्ष की ही नहीं, बल्कि देश को बचाने की रैली है. जो भी लोग इस सरकार से खुश नहीं है, उन्हें इस रैली में शामिल होना चाहिए. व्यवस्था में होने वाले बदलाव में हिस्सेदारी निभानी चाहिए.”
दिल्ली रैली को लेकर व्यापारियों को भी भड़काया जा रहा- गहलोत
अशोक गहलोत ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन समेत पार्टी के अन्य नेताओं द्वारा जवाब में आयोजित की जा रही पदयात्रा पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ”यह सिर्फ विपक्ष को काउंटर करने के लिए किया जा रहा है. यह पहला मौका है जब सत्ता पक्ष के लोग सड़कों पर उतर रहे हैं, वह भी विपक्ष के जवाब में और उन्हें काउंटर करने के लिए उतर रहे हैं.
अशोक गहलोत ने ये भी कहा कि दिल्ली रैली को लेकर व्यापारियों को भी भड़काया जा रहा है, उन्हें गुमराह किया जा रहा है. विपक्ष के कार्यक्रमों में रुकावट पैदा की जा रही है.
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