उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगी है. UGC के नए नियमों को लेकर बीजेपी विधायक ने खुलकर अपनी नजराजगी जाहिर की है. प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम में UGC पर सवाल पूछने वाले युवक को थप्पड़ मारे जाने के मामले में भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि UGC का विरोध करना हर ब्राह्मण और सवर्ण का हक है. कोई अपने बच्चे का नाम विभीषण नहीं रखता.
दरअसल 1 नवंबर को प्रयागराज के परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय परशुराम सेना की ओर से प्रबुद्ध महाकुंभ सम्मेलन आयोजित किया गया था. इसमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी अतिथि के तौर कर शामिल हुए थे. जिस वो सभा को संबोधित कर रहे थे उस दौरान दो युवकों ने UGC के नए नियमों को लेकर सवाल उठाए और उनसे जवाब मांगा. इस पर केशव मौर्य ने युवकों से कहा, ‘चुप रहो, चलो. मैं सब कुछ बोलूंगा. मैं कोई चीज बोलने से कभी नहीं रुकता हूं.
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तेज नारेबाजी के दौरान पुलिस ने पकड़ा
कार्यक्रम में तेजी से नारेबाजी होने लगी. मौके पर पुलिसकर्मी दोनों युवकों को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाने लगे. इसी दौरान भाजपा पार्षद विनय मिश्रा ने एक युवक को थप्पड़ मार दिया. घटना का वीडियो 2 नवंबर को सामने आया. इसके बाद भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस घटना पर नाराजगी जताई.
सीट पर दावेदारी का डर
वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेंद्र शुक्ला ने बताया कि हर्षवर्धन बाजपेयी के पहले इस तरह खुलकर बयान नहीं दिखते थे. हालांकि, वर्ष 2018 में पुलिस और आईपीएस अधिकारियों के साथ विवाद को लेकर भी वह चर्चा में आए थे. प्रयागराज जिले से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी आते हैं. लेकिन, केशव प्रसाद मौर्य का राजनीतिक कद बड़ा है. ऐसे में भविष्य में प्रयागराज उत्तर विधानसभा सीट को लेकर भी राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं. बाजपेयी का UGC के मुद्दे पर खुलकर सामने आना अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने और संभावित प्रतिस्पर्धा के लिए पहले से मोर्चेबंदी करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है.
इलाहाबाद उत्तर सीट से दो बार के विधायक
हर्षवर्धन बाजपेयी प्रयागराज की उत्तर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं. वह 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में लगातार दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं. उनके पिता अशोक कुमार बाजपेयी भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं.
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