Jabal Al Tariq: आपको यह सुनकर शायद हैरानी हो लेकिन स्पेन के दक्षिणी छोर पर स्थित एक छोटा सा इलाका असल में स्पेनिश नहीं है. यह यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा है. आज इस जगह को जिब्राल्टर के नाम से जाना जाता है लेकिन इसका असली नाम जबल अल तारीक है. इसका दिलचस्प इतिहास 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है. पुराने जमाने की जीतों से लेकर आज की भू राजनीति तक जिब्राल्टर दुनिया के सबसे अनोखे इलाकों में से एक है.
जबल अल तारीक क्या है?
जबल अल तारीक शब्द अरबी भाषा से आया है. इसमें जबल का मतलब पहाड़ है और तारीक मुस्लिम सेनापति तारीक इब्र जियाद के नाम से लिया गया है. इसका शाब्दिक अर्थ तारीक का पर्वत बनता है. 711 ईस्वी में तारीक इब्र जियाद ने इसी जगह से समुद्र पार कर स्पेन पर विजय की शुरुआत की थी. समय के साथ भाषा के लिहाज से जबल अल तारीक बदलकर जिब्राल्टर बन गया.
जिब्राल्टर यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा क्यों है?
स्पेन से जमीन के रास्ते जुड़े होने के बावजूद जिब्राल्टर एक ब्रिटिश विदेशी इलाका है. इसकी कहानी 1713 से शुरू होती है. स्पेन ने यूट्रेक्ट की संधि के तहत जिब्राल्टर ब्रिटेन को सौंप दिया था. आज भी स्पेन इस इलाके पर अपना हक जताता रहता है. लेकिन जिब्राल्टर पर ब्रिटेन का ही कब्जा है. यहां इसके अपनी सरकार है और इसे अंदरूनी मामलों में पूरी आजादी मिली हुई है. हालांकि रक्षा और विदेश मामले यूनाइटेड किंगडम ही संभालता है.
दुनिया के व्यापार का नियंत्रण
यह जिब्राल्टर स्ट्रेट के मुहाने पर बसा है. यह एक ऐसा रास्ता है जो अटलांटिक महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ता है. इस वजह से यह दुनिया के सबसे ज्यादा रणनीतिक महत्व वाले चोक पॉइंट्स में से एक बन गया है. यहां से दुनिया का एक बड़ा समुद्री व्यापार गुजरता है. ऐतिहासिक रूप से इसे हरक्यूलिस के खंभों में से एक भी माना जाता था.
एक अलग पहचान वाला इलाका
हालांकि यह यूनाइटेड किंगडम से जुड़ा हुआ है फिर भी जिब्राल्टर ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है. इसकी अपनी संसद है. यह अपनी करेंसी के तौर पर जिब्राल्टर पाउंड का इस्तेमाल करता है और यहां के लोग आमतौर पर अंग्रेजी और स्पेनिश दोनों भाषा बोलते हैं. यहां के स्थानीय लोग लानिटो नाम की अनोखी मिली जुली भाषा भी बोलते हैं. इस भाषा में कई यूरोपीय भाषाओं के शब्द शामिल है.
यूरोपीय संघ से यूनाइटेड किंगडम के अलग होने के बाद जिब्राल्टर की स्थिति काफी ज्यादा पेचीदा हो गई. हालांकि स्पेन के साथ इसकी सीमा को काफी हद तक खुला रखने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं ताकि लोगों और सामान की आवाजाही बिना किसी रूकावट के जारी रह सके.
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