पिया के माता-पिता 1980 के दशक में राजस्थान के जयपुर से अमेरिका चले गए थे और उसके बाद में वही जाकर बस गए. पिया के पिता एक डॉक्टर हैं, जबकि उनकी मां ने जुपिटर ने एक मोंटेसरी स्कूल की स्थापना की. बताया जाता है कि पिया का पालन-पोषण भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जुड़े माहौल में हुआ.

कहा जाता है कि पिया के माता पिता उन्हें बचपन में अकेले इंडिया भेजते थे, ताकि वह अपने चचेरे भाई-बहनों के साथ समय बिता कर अपनी जड़ों से जुड़ी रहे. इस बात का जिक्र खुद पिया ने एक इंटरव्यू में किया था.

वहीं पिया डांडिया की एजुकेशनल क्वालीफिकेशन भी बहुत मजबूत और प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़ी है. उन्होंने दुनिया के सबसे टॉप एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में शुमार हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. हार्वर्ड में उन्होंने राजनीति शास्त्र में पढ़ाई की और अपनी डिग्री हासिल की.

हार्वर्ड में अपनी शुरुआती दिनों के दौरान ही उनके अंदर जन सेवा और समाज के प्रति गहरी रुचि जागृत हुई, जिसके चलते उन्होंने गर्मियों की छुट्टियों में भारत आकर दिल्ली की झुग्गी-बस्तियों में बच्चों को अंग्रेजी भी पढ़ाई थी.

हार्वर्ड से ग्रेजुएशन करने के बाद पिया डांडिया ने एजुकेशन के क्षेत्र में काम किया. उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी से एजुकेशन विषय में मास्टर्स डिग्री हासिल की. अपनी इस एजुकेशन के दम पर उन्होंने अमेरिका में शिक्षा सुधारक और शिक्षक के रूप में एक लंबा सफर तय किया है.

उन्होंने टीच फॉर अमेरिका प्रोग्राम के तहत बोस्टन में बच्चों को पढ़ाया और महज 28 साल की उम्र में न्यूयॉर्क के हार्लेम स्थित डेमोक्रेसी प्रेप एंड्यूरेंस हाई स्कूल की फाउंडिंग प्रिंसिपल बनी, जहां उनके नेतृत्व में स्कूल के सभी छात्रों ने कॉलेज में एडमिशन पाने की सफलता हासिल की थी.

वहीं एकेडमिक डिग्रियों के अलावा पिया ने प्रशासनिक और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में भी खुद को साबित किया है. उन्हें प्रतिष्ठित व्हाइट हाउस फेलो के रूप में चुना गया, जिसके तहत उन्होंने अमेरिकी शिक्षा विभाग और व्हाइट हाउस की घरेलू नीति परिषद में अपनी सेवाएं दी. इसके अलावा उन्होंने दिग्गज कंपनी एप्पल में पब्लिक सेक्टर लीडर के रूप में भी काम किया और शिक्षा, प्रशासन व कॉर्पोरेट जगत के अपने इस एक्सपीरियंस के साथ चुनावी राजनीति में कदम रखकर अमेरिकी संसद तक का सफर तय किया.
Published at : 06 Nov 2026 08:17 AM (IST)
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