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क्यों नहीं हो पा रहा है अभी तक समझौता? ईरान ने बताए वजह, कहा- ‘दुनिया देख रही है…’


Iran US Talks: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि अमेरिका के साथ बातचीत सफल क्यों नहीं हो पा रही है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी है और यही बड़ी वजह है कि बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही.

पेज़ेशकियान ने बातचीत में आ रही रुकावटों के तीन बड़े कारण साफ तौर पर गिनाए- अमेरिका द्वारा किए गए वादों का उल्लंघन, ईरानी बंदरगाहों की लगातार जारी नाकाबंदी और बार-बार दी जा रही धमकियां. उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “दुनिया अब आपके अंतहीन पाखंडी बयानों और आपके दावों व वास्तविक कार्रवाई के बीच के साफ विरोधाभास को देख रही है.” साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान कभी भी बातचीत और समझौते के खिलाफ नहीं रहा, लेकिन मौजूदा हालात में सकारात्मक प्रगति मुश्किल हो रही है.

पाकिस्तान में होने वाली वार्ता टली

ईरान और अमेरिका के बीच इस हफ्ते पाकिस्तान में होने वाली बातचीत को फिलहाल टाल दिया गया है. यह फैसला उस समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को खत्म हो रहे युद्धविराम को आगे बढ़ाने का ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान को एक साझा प्रस्ताव तैयार करने के लिए समय दिया है. पाकिस्तान इस वार्ता में प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.

युद्धविराम के बावजूद जारी तनाव

 युद्धविराम बढ़ाए जाने के बाद भी दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ है. ईरान ने तीन जहाज MSC Francesca, Epaminondas और Euphoria को अपने कब्जे में ले लिया है. वहीं, अमेरिका ने भी अपनी तरफ से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी है, जिससे स्थिति और जटिल बनी हुई है.

ईरान प्रस्ताव पर ट्रंप ने नहीं तय की समयसीमा

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव के लिए कोई तय समयसीमा निर्धारित नहीं की है. उन्होंने कहा, “ऐसी खबरें आई थीं कि तीन से पांच दिन की डेडलाइन दी गई है, लेकिन यह सही नहीं है. राष्ट्रपति ने कोई समयसीमा तय नहीं की है और अंतिम फैसला वही करेंगे कि आगे की प्रक्रिया कब और कैसे होगी.”

नाकाबंदी बना सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा

ईरान और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी है. ट्रंप ने युद्धविराम बढ़ाने के बावजूद साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास नाकाबंदी जारी रहेगी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा, “मैंने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि नाकाबंदी जारी रखी जाए और हर स्थिति के लिए तैयार रहें.”

नाकाबंदी हटने के संकेत पर आगे बढ़ सकती है वार्ता

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर-सईद इरावानी ने संकेत दिया है कि अमेरिका नाकाबंदी हटाने के लिए तैयार हो सकता है. उन्होंने कहा, “जैसे ही यह नाकाबंदी हटेगी, मुझे लगता है कि बातचीत का अगला दौर इस्लामाबाद में शुरू हो जाएगा.” यह बयान ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम के हवाले से सामने आया है.



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