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बीजेपी चीफ नितिन नवीन से मिले राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, पार्टी में हुए शामिल


आम आदमी पार्टी (आप) को शुक्रवार को बड़ा झटका देते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संदीप पाठक और अशोक मित्तल समेत कई सांसदों के साथ पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा की 

आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की. आप सांसदों का नितिन नवीन ने पार्टी में शामिल किया.

इससे पहले आप सांसदों के इस फैसले पर BJP नेता फतेह जंग सिंह बाजवा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश जारी कर राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि हम युवा और ऊर्जावान नेता राघव चड्ढा के साथ-साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल का BJP में स्वागत करते हैं. समाज की सेवा करने की सच्ची इच्छा रखने वाला हर नेता अंततः एक ऐसे दृष्टिकोण से जुड़ जाता है जो सामूहिक विकास को प्राथमिकता देता है.

साथियों का निर्णय साहसिक- कपिल मिश्रा

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने लिखा, केजरीवाल के गैंग में अब सिर्फ चोर और भ्रष्टाचारी बचें हैं; जिसकी भी आत्मा जीवित है, वो वहां ज्यादा दिन नहीं रह सकता. राघव भाई, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और बाकी साथियों का निर्णय साहसिक है और स्वागत योग्य है. यह पंजाब की जनता को केजरीवाल की लूट से बचाने के लिए निर्णायक साबित होगा.

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, सात राज्यसभा सांसदों (छह पंजाब से और एक दिल्ली से) का बड़े पैमाने पर पार्टी छोड़कर जाना आप की राजनीतिक संरचना और नेतृत्व के भीतर गहरे संकट को उजागर करता है. यह कोई अकेली घटना नहीं है. यह विश्वास, आंतरिक लोकतंत्र और वैचारिक तालमेल की एक व्यवस्थागत विफलता को दर्शाता है. अरविंद केजरीवाल अब जवाबदेही से बच नहीं सकते. पार्टी में केंद्रीकृत निर्णय लेने की व्यवस्था के सूत्रधार होने के नाते, उन्हें इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और पार्टी प्रमुख के पद से हट जाना चाहिए.

भगवंत मान छोड़ दें सरकार- दलजीत सिंह चीमा

उन्होंने आगे कहा, इसी तरह, भगवंत मान पंजाब पर शासन करने का नैतिक अधिकार स्पष्ट रूप से खो चुके हैं. जब किसी पार्टी के अपने ही सांसद इतनी बड़ी संख्या में उसका साथ छोड़ देते हैं, तो यह नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के बीच पूरी तरह से टूट चुके संपर्क का संकेत होता है. पंजाब को राजनीतिक प्रयोगों के लिए एक ‘प्रयोगशाला’ तक सीमित नहीं किया जा सकता. राज्य के लोग स्थिरता, विश्वसनीयता और ऐसे नेतृत्व के हकदार हैं जो जवाबदेही पर आधारित हो, न कि अवसरवादिता पर. अब जवाबदेही तय करने का समय आ गया है.

राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा, मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता. कुछ लोग समझौता कर लेते हैं. जो लोग डरते हैं, वे BJP में चले जाते हैं. BJP के पास सिर्फ़ दो ही रास्ते हैं. या तो वे उसे अपने साथ ले लेते हैं जो डरा हुआ हो. बात बस इतनी ही है. या फिर वे लालच देते हैं. तो जरूर कोई लालच या डर रहा होगा.



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