- चेयरमैन पद से हटाने और सुरक्षा वापस लेने से थे नाराज.
आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ऐलान किया कि उनके साथ सात सांसद पार्टी छोड़ रहेहैं. माना जा रहा है पिछले दिनों से पार्टी में जो गुटबाजी थी वो अब पूरी तरह सतह पर आ चुकी है.
पंजाब की राजनीति के जानकारों के मुताबिक अब तक संदीप पाठक और राघव चड्ढा पंजाब के सर्वे सर्वा थे. लेकिन जेल से छूटने के बाद मनीष सिसोदिया, सत्येन्द्र जैन और खुद अरविन्द केजरीवाल ने पंजाब में डेरा डाला. फूट इसी से बढ़ गयी. जबकि इनके जेल जाने पर भी राघव चड्ढा विदेश चले गए थे. यानि पार्टी में भीतर बहुत कुछ चल रहा था.
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2022 में इसी टीम ने बांटे थे टिकट
यहां बता दें कि 2022 के चुनाव के समय, आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठे तीन लोगों में से दो-यही दो लोग-पूरा पंजाब संभाल रहे थे. एक संदीप पाठक और दूसरे राघव चड्ढा. संगठन से जुड़ा पूरा काम संदीप पाठक देखते थे और बाकी, जैसे टिकट वितरण आदि में भी उनकी अहम भूमिका थी. पहले के समय में असली ताकत इन्हीं दो नेताओं संदीप पाठक और राघव चड्ढा के पास थी. सवाल यह है कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों पर कार्रवाई के बाद राघव चड्ढा करीब तीन महीने तक अनुपस्थित रहे. यहीं से दरार की शुरुआत मानी जा रही है.
राघव चड्ढा का लंदन का रहस्यमयी दौरा
जब आम आदमी पार्टी की पूरी सीनियर लीडरशिप जेल में थी, तब राघव चड्ढा लंदन में थे. उन्होंने इस संबंध में न कोई बयान दिया और न ही कोई टिप्पणी. जबकि संकेत वहीं से अलगाव के मिलने लगे थे. लेकिन आज की प्रेस कांफ्रेंस से यह साफ हो चुका है कि जब सीनियर लीडर जमानत पर बाहर आए तो एकजुट होकर पंजाब में डेरा जमा दिया. इसके बाद दूरियां कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ने लगीं.
राज्यसभा से पद छीना-पंजाब से सुरक्षा
पिछले दिनों राघव चड्ढा से सदन में नेता का पद छीना और अशोक मित्तल को बनाया. इसके साथ ही राघव चड्ढा से पंजाबी में भी सुरक्षा वापस ले ली गयी. फिलहाल आम आदमी पार्टी कि बगावत अभी कहां तक जाएगी और अगले साल होने वाले चुनावों तक उसकी क्या स्थिति होगी ये बड़ा सवाल है.
