जुर्म की दुनिया से एक ऐसी खौफनाक कहानी सामने आई है, जो किसी भी बॉलीवुड क्राइम थ्रिलर को पीछे छोड़ दे. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक ऐसे हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल हथियार तस्करी नेटवर्क (International Arms Syndicate) का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और दुबई तक फैले हुए हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हथियारों की इस पूरी ‘अंडरवर्ल्ड’ जैसी कंपनी को एक फरार ‘चाचा-भतीजे’ की जोड़ी चला रही थी.
स्पेशल सेल के इस बड़े ऑपरेशन की शुरुआत एक मामूली से दिखने वाले अवैध देसी कट्टे से हुई थी. पुलिस ने फरदीन नाम के एक युवक को इस कट्टे के साथ पकड़ा था. लेकिन जब दिल्ली पुलिस ने कड़ियां जोड़नी शुरू कीं, तो महज 15 दिन की जांच में एक ऐसा ‘पैेंडोरा बॉक्स’ खुल गया जिसने खुफिया एजेंसियों को भी हैरान कर दिया. स्पेशल सेल ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर इस इंटरनेशनल नेटवर्क से जुड़े 9 खूंखार गुर्गों को दबोच लिया. इनके पास से 23 खतरनाक हथियार (विदेशी पिस्टल, सेमी-ऑटोमैटिक गन) और 92 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं.
बांग्लादेश और दुबई से ‘चाचा-भतीजे’ का कंट्रोल
स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाहा के मुताबिक, इस पूरे खौफनाक सिंडिकेट का मास्टरमाइंड शाहबाज अंसारी है. शाहबाज NIA के एक गंभीर केस में पैरोल जंप करके फरार है और फिलहाल बांग्लादेश में छिपकर बैठा है. वहीं, उसका चाचा रेहान अंसारी दुबई में बैठकर इस पूरे नेटवर्क को फंडिंग और कंट्रोल कर रहा था.
क्या था हथियारों की तस्करी का ‘पाकिस्तानी रूट’?
जांच में खुलासा हुआ कि यह हाईटेक गिरोह पाकिस्तान से अत्याधुनिक विदेशी हथियार मंगवाता था. इन हथियारों की खेप को नेपाल बॉर्डर के सुरक्षित रास्तों से भारत में एंट्री कराई जाती थी. इसके बाद ये घातक हथियार दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के बड़े गैंगस्टर्स तक सप्लाई किए जाते थे. सिर्फ विदेशी ही नहीं, गैंग बिहार के मुंगेर से भी देसी हथियारों की खेप मंगवाता था. पुलिस से बचने के लिए ये लोग ‘सिग्नल’ और ‘व्हाट्सएप’ जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करते थे.
दिल्ली: MCD मेयर चुने जाने के बाद प्रवेश वाही की पहली प्रतिक्रिया, बताया किन मुद्दों पर रहेगा फोकस
मूसेवाला हत्याकांड से जुड़ा है मास्टरमाइंड का नाम
इस कहानी का सबसे बड़ा सस्पेंस मास्टरमाइंड शाहबाज अंसारी है. शाहबाज का नाम मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) हत्याकांड में भी सामने आ चुका है. उस केस में गिरफ्तारी के बाद वह जमानत पर छूटा और चकमा देकर बांग्लादेश भाग गया था.
15 दिन, यूपी-दिल्ली में छापेमारी और 9 गिरफ्तारियां
फरदीन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शास्त्री पार्क से वसीक को पकड़ा. इसके बाद जेल में बंद वसीम मलिक को रिमांड पर लिया गया, जिसने दुबई-बांग्लादेश कनेक्शन का खुलासा किया. 17 से 24 अप्रैल के बीच दिल्ली पुलिस ने यूपी के खुर्जा, लोनी, जौनपुर, सिकंदराबाद और आजमगढ़ समेत दिल्ली के अजमेरी गेट पर रेड मारी. इस दौरान डीलिंग संभालने वाले राहिल और नेपाल बॉर्डर से तस्करी के एक्सपर्ट इमरान समेत 9 लोग पकड़े गए. अकेले मोहम्मद अहमद के पास से 12 पिस्टल बरामद हुईं.
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस की रडार पर मास्टरमाइंड चाचा-भतीजे (शाहबाज और रेहान) हैं. पुलिस उनके इंटरनेशनल लिंक्स और पाकिस्तान से हथियार भेजने वाले आकाओं की तलाश में जुटी हुई है. आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े सफेदपोश चेहरों के बेनकाब होने की संभावना है.
दिल्ली में 2026 में आग लगने की 7800 घटनाएं, पिछले साल से 20% ज्यादा, DFS ने बताई ये बड़ी वजह
