तेलंगाना के मेड़क जिले के नरसापुर में शनिवार सुबह से सोशल मीडिया और कुछ न्यूज पोर्टल्स पर तेजी से फैल रही लस्सी में पेशाब मिलाने की खबर पूरी तरह फर्जी निकली है. इस सनसनीखेज दावे ने इलाके में बेवजह तनाव और आक्रोश का माहौल बना दिया, जिस कि कोई तस्वीर थी न ही कोई वीडियो, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई सामने आने के बाद पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया.
खबर फैलते ही लोगों का भड़का गुस्सा
दरअसल, वायरल खबरों में दावा किया जा रहा था कि नरसापुर बाजार में एक लस्सी विक्रेता को लस्सी में पेशाब मिलाते हुए पकड़ा गया. इस खबर के फैलते ही लोगों में गुस्सा भड़क गया. हालांकि, लस्सी विक्रेता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने कहा- यह मामला पूरा गलतफहमी का है
नरसापुर पुलिस इंस्पेक्टर जनारेड्डी ने एबीपी न्यूज से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह गलतफहमी का नतीजा है. उनके मुताबिक, लस्सी का ठेला लगाने वाला व्यक्ति कारोबार शुरू करने से पहले पास के नाले के पास अपने बर्तन साफ कर रहा था. उसी दौरान पास में मौजूद एक करीब 10 साल का बच्चा पेशाब करने लगा. कुछ लोगों ने बिना सही स्थिति समझे यह मान लिया कि लस्सी वाले ने ही अपने बर्तनों में पेशाब मिलाया है.
इसी गलतफहमी के चलते अफवाह फैल गई और मामला बढ़ता चला गया. लस्सी विक्रेता खुद उस बच्चे को साथ लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपने ऊपर लगे झूठे आरोपों की शिकायत की. पुलिस ने बच्चे से पूछताछ कर पूरी सच्चाई की पुष्टि की और उसे समझाकर छोड़ दिया.
पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना पुष्टि के इस तरह के गंभीर आरोप लगाना कानूनन अपराध है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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