इस्लाम में ब्याज हराम तो मुस्लिम देशों में कैसे चलती है बैंक व्यवस्था? जानें
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार ब्याज का लेन-देन पूरी तरह हराम माना गया है. इस धार्मिक सिद्धांत के बावजूद दुनिया भर के मुस्लिम बहुल देशों में एक मजबूत और आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था सफलता से संचालित हो रही है. इन देशों ने ब्याज पर निर्भर रहने के बजाय इस्लामिक बैंकिंग का एक अनोखा और व्यावहारिक ढांचा तैयार…
