उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बने पटेल ने शुक्रवार को बीजेपी नेता अपर्णा यादव के घर जाकर मुलाकात की और दुख की इस घड़ी में उनको हिम्मत दी. राज्यपाल ने प्रतीक यादव को फूल अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इस दौरान अपर्णा यादव ने बताया कि आख़िर प्रतीक यादव को ऐसा क्या हुआ था, जिसकी वजह से ये सब हो गया.
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की अपर्णा यादव से बातचीत का वीडियो सामने आया है, जिसमें वो प्रतीक यादव की बीमारी और उसके इलाज के बारे में उन्हें बताते हुए देखी जा सकती है. अपर्णा ने कहा कि “जिस डॉक्टर ने सर्जरी की थी उसने बताया कि जो गारमेंट पहनते हैं कंप्रेशन का सर्जरी के वक्त उसकी वजह से हो गया है.
अपर्णा यादव ने बताया प्रतीक यादव को क्या हुआ था?
उन्होंने बताया कि जबकि थार्मोसिस जब मेदांता के डॉक्टर थे 29 को उन्होंने डिटेक्ट किया तो उसने बताया कि आपको जो क्लॉट बन रहा है और आप इस पर आ जाए जो दवाई हम चला रहे हैं. डॉक्टर ने कहा था कि आप पांच-सात दिन रुक जाईए अस्पताल में, तो वो नॉर्मल होकर आप दवाई खाएंगे तो तीन महीने में क्लॉट गल जाएगा. लेकिन, उसके लिए टाइम चाहिए, ये नहीं कि आपने अभी ये किया हो जाएगा. इसके लिए आपको सावधानी बरतनी पड़ेगी.
अस्पताल नहीं जाना चाहते थे प्रतीक
अपर्णा यादव ने कहा कि प्रतीक यादव ने ये बात नहीं मानी और वापस घर आ गए. उन्होंने कहा कि ये माने नहीं और वापस आ गए और फिर ऑफ़िस जाना और रुटीन का काम शुरू कर दिया. ऑफिस जाने लगे, दोस्तों के साथ जा रहे हैं..घर में बैठे हैं..किताब पढ़ रहे हैं… उस परेशानी को आप अस्पताल में ही एड्रेस कर सकते हैं जब कम डोज होती है तब आप उसे घर पर दे सकते हो.
वो (प्रतीक यादव) माने नहीं है. बड़ी मुश्किल से इन्हें भर्ती कराया. 1 तारीख को उन्हें निकाल लिया. उन्होंने कहा कि मैं बिलकुल अस्पताल नहीं जाऊंगा, मैं दवा खा लूंगा..चल फिर रहे थे, अपना सब कुछ नॉर्मल कर रहे थे.. क्योंकि ये तो अंदरुनी था पता ही नहीं चल रहा था. उनकी आदत थी कि बैठ गए तो बैठ गए..ऐसा नहीं कि बहुत चलते फिरते थे..ऑफिस वाले भी कहते थे कि भैया जी बैठ गए तो बैठ ही जाते थे. सब बैठकर ही मीटिंग वगैरह..होता ही है.
अपर्णा यादव ने कहा कि 29 तारीख को जब तक मैं इन्हें छोड़कर गई एयरपोर्ट पर तो इनका फोन आ गया कि दिक़्क़त हो रही है अपर्णा तुम वापस आओ. तो मैं वापस आई और मैं इन्हें अस्पताल ले जाना चाहती थी ये कहने लगे नहीं मुझे घर ले चलो. मतलब बहुत ज्यादा ज़िद करते थे कि अस्पताल नहीं जाना. उनको लगता था कि मैं इतना यंग हूं मैं क्यों अस्पताल जाऊं.”
ख़ून का थक्का जमने से मौत
बता दें कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का 13 मई को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर में थक्का जमने की वजह को मौत की वजह से बताया गया था. उनके शरीर ने कुछ चोट के भी निशान पाए गए थे.
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